सुपारी के नुकसान के बारे में तो पता होगा पर क्या जानते हैं इसके स

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सुपारी में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैट और मिनरल होते हैं। इसके अलावा इसमें टैनिन, गैलिक एसिड और लिगनिन भी पाए जाते हैं। इन गुणों के कारण इसका प्रयोग औषधि के रूप में भी किया जाता है। मुंह को सुखने से बचाती है डायबिटीज के कारण लोगों का मुंह ड्राई हो जाता है, ऐसे लोगों को इस स्थिति से बचने के लिए सुपारी बहुत मदद करती हैं। क्‍योंकि सुपारी चबाना से बड़ी मात्रा में सलाइवा का उत्‍पादन होता है। जिससे मुंह सुखने की स्थिति से बचा जा सकता है। कैविटी से बचाएं सुपारी में मौजूद एंटी-बैक्‍टीरियल तत्‍व के कारण इसका इस्‍तेमाल कैविटी को रोकने के लिए मंजन के रूप में किया जाता है। कई प्रकार के आयुवेर्दिक मंजनों में तो इसको एक घटक के रूप में शामिल किया जाता है। दांतों में कीड़ा लगने पर सुपारी को जलाकर उसका मंजन बना लें। इससे रोजाना मंजन करें फायदा होगा। स्किजोफ्रेनिया के लक्षणों को दूर करें स्किजोफ्रेनिया एक प्रकार का पागलपन है। इस बीमारी के लक्षणों को सुपारी के सेवन से कम किया जा सकता है। प्रेलिमिनरी रिसर्च एनआईएच के अनुसार, स्किजोफ्रेनिया के जो रोगी सुपारी का सेवन करते हैं यह उनके लक्षणों में सुधार का संकेत है। उच्च रक्तचाप पर नियंत्रण सुपारी के सेवन से उच्‍च रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता है। यह बात एक अध्‍ययन द्धारा भी साबित हो गई हैं कि सुपारी में मौजूद टैनिन नामक तत्‍व एंजियोटेनसिन (रक्त वाहिकाओं का पतला करने वाला पदार्थ) वन और टू दोनों के जवाब में बाधा उत्‍पन्‍न करके उच्च रक्तचाप गतिविधि को नियंत्रित करने में उपयोगी होता हैं। एंटी-डेप्रेसेंट गुण आयुर्वेद के अनुसार, सुपारी को तंत्रिका तंत्र को उ‍त्तेजित करने वाला माना जाता है। इसके अलावा सुपारी पर हुए एक रिसर्च से भी यह बात सामने आई कि सुपारी में मौजूद एंटी-डेप्रेसेंट य‍ानि अवसादरोधी गुण तनाव को कम करने में मदद करते है। एंटी-ऑक्सीडेंट गुण एंटी-ऑक्‍सीडेंट गुण हमारे शरीर से विषाक्त पदार्थों और फ्री रेडिकल्‍स को बाहर निकालने में मदद करते है। जिससे हमारा शरीर बीमारियों से बचा रहता है और यह गुण सुपारी में पाया जाता है। अगर आप भी स्‍वस्‍थ रहना चाहते हैं तो सुपारी को सेवन करें। डायबिटीज पर नियं‍त्रण सुपारी में अर्कोलाइन नामक बॉयो कैमिकल पाया जाता है। अध्‍ययन के अनुसार, यह कैमिकल डायबिटीज को नियंत्रण करने वाले महत्‍वपूर्ण तत्‍वों में से एक है। प्रयोगशाला में जानवरों पर हुए परीक्षण में इस बॉयो कैमिकल के कारण एक महत्वपूर्ण अवधि के लिए रक्त शर्करा के स्तर पर नियंत्रण पाया गया। घाव भरें किसी भी प्रकार के घाव होने पर सुपारी से बने काढ़े से घाव को धोकर इसके बारीक चूर्ण को लगाने से खून बहना बंद हो जाता है और कुछ ही देर में घाव भरने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाती है। त्‍वचा के रोगों में लाभकारी एंटी-ऑक्‍सीडेंट से भरपूर सुपारी त्‍वचा के रोगों को दूर करने में बहुत मददगार होती है। त्‍वचा की समस्‍या जैसे दाद, खाज, खुजली और चकत्ते होने पर सुपारी को पानी के साथ घिसकर लेन करने से लाभ मिलता है। बहुत ज्‍यादा खुजली होने पर सुपारी की राख को तिल के तेल में मिलाकर त्‍वचा पर लगाने से लाभ होता है।

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