भारत के इस रेल पटरी पर होते हैं अजीबो गरीब हादसे

Video Description

क्यों शिमला का ये टनल है बेहद ख़ौफ़नाक ? शिमला का बारोग टनल या टनल नंबर ३३। इस टनल का नाम कर्नल बरोग के नाम पर रखा गया। काहा जाता है कि 1898 में कर्नल बारोग को ही इस टनल को बनाने का काम सौंपा गया था। लेकिन गलत कंस्ट्रक्शन के वजह से उन्हें सरकार को जुर्माना भरना पड़ा और उन्हें बेइज्जत कर नौकरी से निकाल दिया गया था। इसके बाद तनाव में आकर उन्होंने आत्महत्या कर ली थी। बड़ोग की लाश को भी इसी टनल के पास फिर दफना दिया गया। इसके बाद से यहां लोगों का कहना है कि अब भी उनकी आत्मा यहीं कहीं भटकती है। और यहां तक कि उनकी आत्मा आज भी यहां अनजान यात्रियों से बात करती है। इन्हें कहीं बार लोगों ने अपनी आंखों के सामने गायब होते भी देखा। सरकार ने कई बार इस टनल को सील करने की कोशिश की। लेकिन हर बार ताला टूटा हुआ मिलता। हाला के इस आत्मा ने अभी तक किसी को हानि पहुंचाने की कोशिश नहीं की है। लेकिन इतने सालों बाद ही इस जगह आत्मा का भटकना एक डरावना एहसास देता है। दोस्तों, क्या आपने भी कभी कोई आत्मा देखी है? अपना अनुभव हमें कमेंट करके जरूर बताए।

Join more than 1 million learners

On Spark.Live, you can learn from Top Trainers right from the comfort of your home, on Live Video. Discover Live Interactive Learning, now.