दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर कहाँ है ?

Video Description

क्या आप जानते हैं कि दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर कहाँ है? जलपेश मंदिर उत्तर बंगाल और निचले असम में भगवान शिव का सबसे बड़ा और सबसे पुराना तीर्थ स्थान है। इस श्रावण मास में लाखों भक्त इस मंदिर में शिवलिंग को स्नान कराकर भगवान शिव की पूजा करते हैं। प्रसिद्ध जलपेश मंदिर का निर्माण कोचबिहार रियासत के महाराजा प्राण नारायण (1632-65) ने शुरु किया था। लेकिन मंदिर के उद्घाटन को वह अपनी आंखों से देख नहीं सके। मंदिर का निर्माण शुरु होने के कुछ समय बाद ही उनका देहांत हो गया। उसके बाद उनके पुत्र मोद नारायण उर्फ रासनाथ ने निर्माण को जारी रखा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से संबद्ध रहे पुरातत्ववेत्ता एमएस वाट्स ने लिखा है कि जलपेश मंदिर के त्रिनेत्र व बासुदेव की प्रतिमाएं 12 सदी से पहले की हैं। राजा जगदींद्र देव रायकत की पुस्तक में यह उल्लेख है कि 1897 की महाशिरात्रि के पूर्व आए प्रबल भूकंप में मूल मंदिर को अत्यधिक नुकसान पहुंचा था। उसके बाद 1939 तक उस क्षतिग्रस्त मंदिर की मरम्मत विभिन्न चरणों में डेढ़ लाख रुपए की लागत से कराई गई। कालिका पुराण में जलपेश मंदिर के अनादि शिवलिंग का वर्णन मिलता है। जलपेश का शिवलिंग गौरी पाट के दो फीट नीचे स्थित है। हाल ही में गौरीपाट को स्टील फ्रेम के बैरीकेड से घेर दिया गया है। जलपेश ट्रस्टी बोर्ड का मानना है कि गर्भगृह में मंदिर के बाहरी द्वार से दस फीट नीचे स्थित शिवलिंग आठ फीट नीचे से करीब तीन गुणा बड़ा हो गया है। मंदिर कमेटी के सदस्यों का कहना है कि हर साल यहां श्रावण महीने में लाखों पुण्यार्थी भगवान शिव के उपर जल चढ़ाने आते है। पुण्यार्थियों की सुविधा के लिए जिला पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा की चौकस व्यवस्था रखी है। सुरक्षा के लिए मंदिर के चारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

Join more than 1 million learners

On Spark.Live, you can learn from Top Trainers right from the comfort of your home, on Live Video. Discover Live Interactive Learning, now.