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योग और चेतना : जानें कैसे बदल जाती है आपकी दुनिया?

योग और चेतना

स्वस्थ शरीर और मस्तिष्क के लिए योग की आवश्यकता होती है। योग आपके जीवन को ताजगी प्रदान करता है, जिससे आप कई बीमारियों से खुद को दूर रख सकते हैं। विश्व पटल पर भारत ने योग को लेकर एक खास पहचान बनाई है, ऐसे में आज हम यहां आपको योग और चेतना की अभिव्यक्ति के बारे में बताएंगे, ताकि आपकी बिगड़ती लाइफस्टाइल सुधर जाए। दरअसल, योग जीवन से जुड़े भौतिक, मानसिक, आत्मिक, आध्यात्मिक और भावनात्मक आदि सभी पहलुओं पर काम करता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि योग का अर्थ एकता या बांधना होता है। ऐसे में यदि योग को अपने दिनचर्या में शामिल किया जाए, तो इससे कई लाभ हो सकते हैं। 

योग के लाभ क्या हैं?

योग करने से न सिर्फ आप स्वस्थ रह सकते हैं, बल्कि इससे आपका मानसिक विकास भी होता है। ऐसे में, हम यहां आपको योग करने से होने वाले कुछ प्रमुख लाभ के बारे में बता रहे हैं- 

  • कई गंभीर बीमारियों का सफल इलाज है, जैसे- अस्थमा, मधुमेह और पाचन विकार आदि।
  • मन की शांति प्राप्त होती है।
  • शारीरिक विकास होता है।

योग के नियम क्या हैं?

यदि योग नियमों के अनुसार न किया जाए, तो उसका पूरा लाभ नहीं मिलता है। ऐसे में ज़रूरी है कि योग को सुचारू ढंग से ही किया जाए- 

  • योग के लिए गुरु के निर्देशों का पालन करें।
  • सूर्योदय या सूर्यास्त के समय ही करें।
  • योग करने से पहले स्नान करें।
  • योग खाली पेट करें।
  • योग करने के बाद 30 मिनट तक कुछ न खाएं।
  • 1 घंटे तक न नहाएं।
  • प्राणायाम हमेशा आसन अभ्यास के बाद ही करें।
  • मेडिकल तकलीफ है, तो डॉक्टर की सलाह लेना न भूलें।
  • योग के अंत में हमेशा शवासन ज़रूर करें।
  • क्षमता से अधिक न करें।

योग के प्रकार क्या हैं?

Yoga Days, Types Of Yoga And Health Benefit News In Hindi - योग ...

विशेषज्ञों के अनुसार, योग के कई प्रकार होते हैं, लेकिन यहां हम आपको कुछ प्रमुख प्रकारों के बारे में ही बता रहे हैं – 

  • राज योग
  • कर्म योग
  • भक्ति योग
  • ज्ञान योग

योग और चेतना की अभिव्यक्ति

योग मनुष्य की चेतना शुद्ध करने की एक प्रक्रिया है। दरअसल, यह मनुष्य को आत्म ज्ञान करवाता है, जिससे उसकी सोचने समझने की शक्ति भी पहले के अपेक्षा और भी ज्यादा गहरी हो जाती है। योग एक पवित्र प्रकिया है, जिसमें व्यक्ति के व्यक्तित्व का भी विकास होता है। इतना ही नहीं, योग मनुष्य की चेतना को शुद्ध करता है, जिससे उसके व्यक्तित्व में निखार आता है। ऐसे में यह कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा कि योग और चेतना में गहरा संबंध है।

शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक शांति एवं स्वस्थता के लिये योग ही एकमात्र रास्ता है, लेकिन आज कल इसकी गहराईयों को लोग समझते नहीं है, जिसकी वजह से लोग कई तरह की शारीरिक और मानसिक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। योग से बुद्धि और चेतना गंगा की तरह पवित्र हो जाती है और लोगों की सोचने समझने की शक्ति विकसित होती है। मतलब साफ है कि योग से आपकी चिंता खत्म हो जाती है और आप कुछ पल के लिए खुद को स्वर्ग में पाते हैं। लोगों की खुशहाली, संतुलन, तनावमुक्ति, स्वास्थ्य, विश्व शांति और भले के लिये योग ही एक मात्र रामबाण उपाय है। 

योग और चेतना को समझने के लिए आपको समुद्र को देखना होगा, जिसमें डुबकी लगाने से पहले आपको कितना प्रकाश दिखाई देता है, लेकिन जैसे जैसे आप अंदर जाते हैं, वैसे वैसे गहराई नजर आने लगती है। ठीक उसी तरह से योग और चेतना का भी संबंध है। दोनों एक दूसरे के लिए रामबाण की तरह काम करती है। योग से आपके अंदर की वह चेतना जागरुक होती है, जिसके बारे में आपने पहले कभी सोचा भी नहीं होगा।

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