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स्किल डेवलपमेंट भारत में क्यों है जरूरी ? (Why Skill Development is important in India)

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स्किल डेवलपमेंट

आज भी इस आधुनिक दौर में भारत में एक समस्या ऐसी है जिसकी चर्चा लगातार पिछले कुछ सालों से होती ही रहती है लेकिन अभी तक उसका हल नहीं निकल पाया है। दरअसल हम बात कर रहे हैं बेरोजगारी की जिसे लेकर लाखों युवा परेशान है। सर्वे की मानें तो प्रत्येक वर्ष 8 मिलियन लोग नए रोज़गार की तलाश करते हैं जिनमें से सिर्फ 5.5 मिलियन रोज़गारों का सृजन हो पाता है या उससे भी बेहद कम। अब की स्थिति तो और भी भयावह है इसके पीछे कई कारण हैं। लेकिन स्किल डेवलपमेंट सबसे मुख्य कारण है। आज हम आपसे उसकी ही चर्चा करेंगे।

क्यों जरूरी है स्किल डेवलपमेंट?

भारत में व्यापक स्तर पर बेरोजगारी होने का एक मुख्य कारण युवाओं के अंदर अपर्याप्त कौशल विकास भी है। जी हां क्योंकि हमारे देश में सिर्फ 7 प्रतिशत युवा ही औपचारिक अथवा अनौपचारिक रूप से कौशल प्रशिक्षण प्राप्त है। सर्वे में पता चलता है कि भारत में जो कार्यबल हैं उनमें सिर्फ 2.3 प्रतिशत ही औपचारिक कौशल प्रशिक्षण का ज्ञान होता है जबकि अन्य देशों में इसकी संख्या काफी ज्यादा है।

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यही कारण है कि भारत में कुछ नियोक्ता ऐसे हैं, जो खाली पड़ी रिक्तियों को भरने में कठिनाई का सामना करते हैं क्योंकि लोगों में आवश्यक कौशल एवं प्रशिक्षण की कमी है। भारत में शिक्षित लोगों की संख्या में तीव्रता से वृद्धि हो रही है किंतु उस अनुपात में रोज़गारों का सृजन नहीं हो रहा है, यानि की शिक्षित होने के बाद भी उन्हें उचित मात्रा में रोज़गार प्राप्त न हो पाने से बेरोज़गारी दर में भी अधिक वृद्धि होगी।

सरकार कर रही है पहल

हालांकि ये बात भी सच है कि भारत में कौशल विकास की महत्वत्ता को सरकार ने अब गंभीर रूप से लेना शुरू कर दिया है। तभी तो केंद्र सरकार ने स्किल इंडिया या फिर प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना जैसे कार्यक्रम का आयोजन किया। स्किल इंडिया के अंतर्गत सरकार का उद्देश्य है कि साल 2022 तक कम-से-कम 30 करोड़ लोगों को कौशल प्रदान करना है। वहीं बात करें प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की तो यह भी स्किल इंडिया का ही हिस्सा है जिसके जरिए लोगों को कम अवधि का प्रशिक्षण, (150-300 घंटे का) प्रदान करना है। इस योजना के तहत प्रशिक्षण प्रदान करने वाले साझीदार कुछ प्रशिक्षुओं को रोज़गार प्राप्त करने में उनकी सहायता करते हैं।

कौशल विकास की चुनौतियाँ

वैसे देखा जाए तो भारत में स्किल डेवलपमेंट की इस समस्या को दूर करने के लिए पूरे जोर सोर से लगी है लेकिन यह भी सच है कि इसके लिए सरकार को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। जैसे कि अपर्याप्त प्रशिक्षण क्षमता, उद्यमिता कौशल की कमी, उद्योगों की सीमित भूमिका हो या फिर विद्यार्थियों में कम आकर्षण यही नहीं इसके अलावा नियोक्ताओं का रवैया भी एक समस्या है।

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वैसे देखा जाए तो इस वर्तमान समय में भारत में बेरोज़गारी एक बड़ी समस्या बनकर उभरी है। जिसके लिए एक बड़ी वजह भारत में कौशल विकास की कमज़ोर स्थिति को माना जा सकता है। भारत सरकार के स्किल इंडिया कार्यक्रम ने भी रोज़गार वृद्धि के लिये अपेक्षित परिणाम उत्पन्न नहीं किये हैं। भारत में कौशल विकास तथा बेरोज़गारी की समस्या के मूल में स्कूली स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा की अनुपस्थिति तथा विभिन्न कौशल विकास योजनाओं का अप्रभावी क्रियान्वयन है। भारत विभिन्न विकसित देशों एवं पूर्वी एशिया के देशों से भारत प्रेरणा ले सकता है, साथ ही भारत स्थानीय समस्याओं पर ध्यान केंद्रित कर अपनी बड़ी युवा आबादी को जनसांख्यिकीय लाभांश में तब्दील कर सकता है।

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