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पारिजात का पौधा क्यों है खास, हिंदू धर्म क्या है इसका महत्व ?(Why is Parijat’s plant special)

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अयोध्या के राममंदिर के भूमिपूजन के बाद से ही पारिजात का पेड़ काफी चर्चा में हैं। दरअसल आप ये तो जानते ही होंगे अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का भूमि पूजन के दौरान पीएम मोदी ने उस परिसर में पारिजात पौधा लगाया। फिर क्या था इसके बाद से ही लोगों के मन इसे लेकर कई सवाल उठने लगे। देखते ही देखते पारिजात का पौधा चर्चा का विषय भी बन गया। वैसे आज हम इस पौधे को लेकर आपके मन में उठ रहे सभी सवालों के जवाब देंगे। तो आइए जानते हैं कि आखिर क्या है इस पौधे का महत्व और खासियत?

पारिजात का पौधा का महत्व | Importance Of Parijat tree

सबसे पहले तो आपको ये बता दें कि पारिजात का पौधा दिखने में बेहद ही खूबसूरत होता है। पारिजात के फूल को भगवान हरि के श्रृंगार और पूजन में प्रयोग किया जाता है, यही कारण है कि इसके फूल को को हरसिंगार के नाम से भी जाना जाता है। हिन्दू धर्म में इस वृक्ष का बहुत महत्व माना जाता है। यही नहीं शास्त्रों में तो पारिजात को कल्पवृक्ष भी कहा गया है। कहा जाता है कि स्वर्गलोक में इसको स्पर्श करने का अधिकार सिर्फ उर्वशी नाम की अप्सरा को था। पारिजात को छूने मात्र से ही व्यक्ति की थकान मिट जाती है। पारिजात का वृक्ष ऊंचाई में दस से पच्चीस फीट तक का होता है। इसके इस वृक्ष की एक खास बात ये भी है कि इसमें बहुत बड़ी मात्रा में फूल लगते हैं।

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कैसे हुआ था पारिजात का जन्म | How Parijat was born

दरअसल आपने समुंद्र मंथन की कई सारी कहानियों के बारे में सुना होगा जिसमें असुरों व देवताओं द्वारा जब यह समुद्र मंथन किया गया तो उसमें कई सारी चीजें निकली थीं से देवी लक्ष्मी, अमृत आदि बहुत से रत्न निकले। उनमें से पारिजात का वृक्ष भी एक था। समुद्र मंथन से निकले पारिजात वृक्ष को देवराज इंद्र ने स्वर्ग में स्थापित किया था। भगवान श्रीकृष्ण उस वृक्ष को स्वर्ग से धरती पर लेकर आए।

औषधीय गुणों से भरपूर होता है पारिजात का पौधा | Parijat plant is rich in medicinal properties

धार्मिक दृष्टि के अलावा पारिजात वृक्ष में बहुत से औषधीय गुण होते हैं कहा जाता हैं कि पारिजात के वृक्ष और फूल में बहुत से औषधीय गुण होते हैं। पारिजात औषधीय गुणों के लिए भी प्रसिद्ध है। इसके फूल व पत्तियों से कई तरह की बीमारियां का उपचार होता है। इसके बीज के सेवन से बवासीर रोग में आराम मिलता है। फूलों के रस के सेवन से हृदय रोग से बचा जा सकता है। पारिजात की पत्तियों से त्वचा संबंधित रोग ठीक हो जाते हैं।

अगर आप इसके फूलों के रस का सेवन करते हैं तो आप दिल की बीमारी से बच सकते हैं। अगर पारिजात के फूलों की पत्तियों को पीसकर शहद के साथ मिलाकर उसका सेवन करने से सूखी खांसी की समस्या भी दूर होती हैं।

अगर किसी को पेट की समस्या हो या पेट में कीड़े हो तो पारिजात वृक्ष के ताजे पत्ते लीजिए और उसका रस निकाल लीजिए, 5 मिली रस को चीनी के साथ सेवन करने से पेट के और आंतों के सभी कीड़े खत्म हो जाते हैं।

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पारिजात के पौधे से शरीर के घाव भी जल्दी भर जाते हैं, इसके लिए पारिजात के फूलों के बीजों को पीस कर एक पेस्ट तैयार करके शरीर पर मौजूद फोड़े-फुंसी या किसी भी तरह के घाव पर लगाने से उनमें राहत मिलती हैं और जल्द ठीक भी हो जाते हैं।

इसके अलावा अगर किसी को बार-बार पेशाब जाने की परेशानी हो तो पारिजात वृक्ष की जड़, फूल और तने के पत्ते को मिलाकर एक काढ़ा बना लें और 10-30 मिली की मात्रा में सेवन करने से इस समस्या से राहत मिलती हैं।

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