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योग और विज्ञान का मानव जीवन में क्या है महत्व ?, आइए जानें

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योग व विज्ञान

हममें से कई लोग ऐसे हैं जो इस महामारी संकट के आने के बाद अपनी दिनचर्या में योग को शामिल करने की ठान चुके होंगे और इसके लिए वो प्रयास भी कर रहे होंगे। लेकिन आज हम आपको योग व विज्ञान के बारे में बताएंगे कि आखिर इन दोनों के बीच क्या संबंध है और मानव जीवन में यह कितना ज्यादा असर करता है ?

योग व विज्ञान के संबंध को समझने के लिए सबसे पहले इसके बीच के अंतर को समझना होगा, अगर आप इसके बीच के अंतर को समझ जाते हैं तो यह भी समझ जाएंगे कि हमारे जीवन में यह कितना जरूरी है। आज हम आपको इसी से रूबरू कराएंगे।

योग व विज्ञान में क्या है अंतर

वैसे सामान्य रूप से देखा जाए तो विज्ञान व योग में कोई विशेष अंतर नहीं है। कहते हैं कि विज्ञान जहां समाप्त होता है, योग वहीं से प्रारंभ होता है। इसे आप ऐसे समझ सकते हैं कि विज्ञान जहां भौतिक जगत को आगे बढ़ता है, वहीं योग मनुष्य को प्रकृति से जोड़ता है। इतना ही नहीं ऐसा माना जाता है कि मनुष्य प्रकृति का ही एक अंग है।

जब विज्ञान जनित वस्तुएं मनुष्य को इससे विमुख करने लगी हैं तो योग ही वह मार्ग है जिसे अपना कर मनुष्य फिर प्रकृति के साथ जुड़ सकता है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि योग एक प्रायोगिक विज्ञान है। जो कि मानव को स्वस्थ जीवन जीने की कला सीखाता है। योग तन और मन से जुड़े तमाम तरह के रोग और विकारों को दूर कर मनुष्य के जीवन को आसान कर देता है।

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योग व विज्ञान का मानव जीवन में महत्व

आज का समय जैसा चल रहा है ऐसे में हर कोई मानसिक व शारीरिक समस्या से जूझ रहा है। ये वक्त काफी बुरा है लेकिन हमें हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। विज्ञान किसी आध्यात्मिक प्रक्रिया से अलग नहीं है। यहां विज्ञान से मेरा मतलब मौलिक विज्ञान से है। योग को भी आध्यात्मिकता से जोड़ा जाता है। इसलिए जीवन में इन दोनों का होना बेहद जरूरी है क्योंकि यही हमारे आरोग्यता का आधार है। आज दुनिया के ज्यादातर लोग असली विज्ञान से अनजान हैं। वे बस टेक्नोलॉजी यानी तकनीक को ही जानते हैं, क्योंकि वे उसी का आनंद ले रहे हैं। तकनीक विज्ञान की एक शाखा है, उसका परिणाम है, लेकिन विज्ञान नहीं है।

वास्तव में देखा जाए तो आध्यात्म का विज्ञान के साथ कोई पंगा नहीं है। विज्ञान किसी आध्यात्मिक प्रक्रिया से अलग नहीं है। अगर आप योग में विश्वास रखते हैं तो सकारात्मक सोच एक आदर्श योगाभ्यास की सच्ची साथी है। आपकी मानसिक दशा ओर दृष्टिकोण ही अंत में आपको योग से मिलने वाले तमाम फायदे दिलाती है।

योग व विज्ञान के बीच आप फर्क को महसूस कर लेते हैं तो आपको इतनी आजादी मिलती है कि आप अपने जीवन को ऐसे तरीकों से जीने लगते हैं, जिनकी आपने कल्पना भी नहीं की होती। फिर जीवन ऊर्जा को आप ऐसे तरीकों से इस्तेमाल करने लगते हैं, जो कभी आपके लिए संभव ही न थे।

ज्ञान तक पहुंचने के दो तरीके हैं – विज्ञान और योग। विज्ञान जिंदगी को उधेडक़र रखता है। वहीं अगर हम बात करें आध्यात्मिकता की तो हम इस सृष्टि की परतें उधेडऩे की कोशिश नहीं करते। हम अंदर की ओर देखते हैं।

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योग व विज्ञान को अपने जीवन में उतारना चाहते हैं और स्वयं में चेतना जगाना चाहते हैं या फिर खुश रहना चाहते हैं तो इस लॉकडाउन में घर बैठे हमारे अनुभवी योग शिक्षक अपूर्व चक्रवर्ती आपकी मदद कर सकते हैं। हमारे नेटवर्क पर मौजूद अपूर्व चक्रवर्ती एक योग और वेलनेस काउंसलर या ट्रेनर हैं। इनके पास कुल 10 साल का शिक्षण अनुभव है। इन्हें साल 2017 में भारत सरकार से DPT & DOT भी प्राप्त है जोकि बिहार स्कूल ऑफ योगा मुंगेर से संबंधित है।

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