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एंग्जायटी और पैनिक अटैक में क्या है अंतर? जानें लक्षण | What is the Difference between Anxiety and Panic attack?

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एंग्जायटी और पैनिक अटैक

कोरोना वायरस ने संक्रमण फैलाने के अलावा मानसिक स्वास्थ को भी प्रभावित किया है। कई लोग ऐसे भी हैं जो अकेलेपन, एंग्जायटी, तनाव जैसे मानसिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। हालांकि मन में बेचैनी, तनाव या फिर घबराहट जैसा महसूस होना एंग्जायटी डिसऑर्डर के ही लक्षण हैं। लेकिन आज हम बात करेंगे एंग्जायटी और पैनिक अटैक के बारे में जो आजकल तेजी से बढ़ रहा है इसलिए लोगों को इसके बारे में जानना बेहद जरूरी है।

ये ऐसी मानसिक परिस्थतियां हैं जिसे सही समय से पहचाना न जाए तो गंभीर स्थिति में व्यक्ति को ले जा सकती है। दरअसल इन्हें पहचाने में सबसे बड़ी परेशानी ये है कि अक्सर लोग इनके बीच के लक्षणों में फर्क नहीं कर पाते हैं क्योंकि उन्हें इसके सभी लक्षण एक जैसे ही महसूस होते हैं पर ये एक नहीं होते बल्कि इनमें अंतर है। तो आइए जानते हैं एंग्जायटी डिसऑर्डर और पैनिक अटैक के बीच का फर्क।

मनोचिकित्सक से करें संपर्क

मानसिक समस्या ऐसी होती है कि इनपर ध्यान नहीं दिया जाए तो ये आपको कई तरह से परेशान करती है। इसलिए आवश्यकता है कि समय रहते अपने विकारों को समझें और एक अनुभवी मनोचिकित्सक से मिलें। Spark.live पर मौजूद नैदानिक मनोचिकित्सक डॉ हर्षल राउत आपकी मानसिक समस्या का इलाज करेंगे। डॉ हर्षल राउत मनोचिकित्सा, माइंडफुलनेस, और ध्यान के लिए अवसाद, चिंता, तनाव, मधुमेह और पीसीओएस की समस्या से निजात दिलाते हैं।

एंग्जायटी और पैनिक अटैक (Anxiety and Panic Disorders)

सबसे पहले तो आपको ये बता दें कि एंग्जायटी डिसऑर्डर और पैनिक अटैक में लोगों को चिंता, आशंका, घबराहट, भय, सांस लेने में परेशानी, दिल का तेजी से धड़कना, कंपन आदि महसूस होना होता है। वैसे ये भी बता दें कि एंग्जायटी आमतौर पर तनावपूर्ण स्थिति, अनुभव या घटना से संबंधित होती है, जो कि धीरे धीरे लोगों में घर कर जाता है, इसमें लोग खास अंतर नहीं कर पाते हैं। जबकि पैनिक अटैक हमेशा अचानक ही होता है इसमें अधिक गंभीर शारीरिक लक्षणों के साथ तीव्र, भारी भय शामिल होता है।

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एंग्जाइटी (Anxiety)

मानसिक चिकित्सकों की मानें तो एंग्जाइटी होने का कोई स्पष्ट कारण नहीं होता है, यह समस्या अगर अपने चरम पर पहुंच जाती है तो लोगों को उनके रोजमर्रा के कामों और उनकी जिंदगी को प्रभावित करने लगती है। जिसे चिंता रोग या एंग्जाइटी डिसऑर्डर का नाम दिया जाता है।

ये होते हैं इसके लक्षण

-ज्यादा चिंता करना
-किसी से मिलने से डरना
-लिफ्ट में अकेले जाने से डरना
-बार-बार चीजों को सेट करते रहना
-पुरानी बातों को बहुत ज्यादा याद करना

पैनिक अटैक (Panic Attack)

पैनिक अटैक के बारे में बेहद कम लोगों को पता होता है लेकिन ऐसा तब होता है जब शरीर में रक्त संचार बाधित होता है। जी हां शरीर में कार्बनडाईऑक्साइड की मात्रा अधिक होने से भी अटैक आ जाता है और झटका सा महसूस होता है। कई बार तो ऐसा भी देखा गया है कि शरीर पूरा कांप जाता है, बेचैनी के कारण ये अटैक में बदल जाता है।

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इसमें व्यक्ति को खुद पर से नियंत्रण खोने जैसा महसूस होता है। कभी-कभी लोग चक्कर खाकर गिर भी जाते हैं, लेकिन फिर संभलते देर नहीं लगती। ये हार्ट अटैक से भिन्न है लेकिन हृदय से ही कनेक्टेड होता है। लोग अक्सर पैनिक अटैक को हार्ट अटैक समझने की भूल कर बैठते हैं, क्योंकि इसमें भी कई बार संबंधित व्यक्ति को दिल में दर्द कि शिकायत होती है।

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एंग्जायटी और पैनिक अटैक के लक्षण

-सीने में दर्द
-घबराहट, कंपन
-तेज पसीना चलना
-जी मिचलाना
-दिल का तेजी से धड़कना

हालांकि विशेषज्ञ इसके बारे में कहते हैं कि पैनिक अटैक पूरी तरह से डर पर रहता है इसलिए जरूरी है कि आप अपने डर को खत्म करें और उससे बाहर निकलें। वहीं बात करें अगर एंग्जायटी की तो ये थोड़ा सामान्य है, जो कि ज्यादा सोचने के कारण होती है। तो आप अगर इसे कंट्रोल करना चाहते हैं तो ज्यादा सोचना बंद करें, सही डाइट लें और हर रोज योग और प्राणायाम करें।

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