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जन्म कुंडली: ये संयोग बताते हैं कि आपके जीवन में धन योग है या नहीं

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ज्योतिष शास्त्र एक बेहद ही विस्तृत क्षेत्र हैं इसमें जन्म-कुंडली से भी जुड़ी बातों को बताया जाता है। साधारण शब्दों में समझें तो जन्म-कुंडली किसी भी बच्चे के जन्म के समय का एक नक्शा होता है जिसका निर्माण ज्योतिषी करता है। जन्म के समय की ग्रह स्थिति को एक स्थान पर लिखकर उसी के अनुसार सभी ग्रहों को बिठाया जाता है और इससे जो नक्शा बनकर तैयार होता है उसे जन्म कुंडली कहा जाता है। संक्षेप में जानकारी देते हुए बता दें कि जन्म-कुंडली में बारह खाने बने होते हैं जिन्हें भाव कहा जाता है।

हालांकि जन्म कुंडली अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग तरह से बनाई जाती है जैसे कि भारतीय पद्धति में ज्योतिष शास्त्र इसे अलग रूप देते हैं तो वहीं पाश्चात्य पद्धति में अलग। हालांकि कुंडली में मौजूद इन भाव के आधार पर ही योगों का निर्माण होता है और इसके जरिए ही व्यक्ति के बारे में सबकुछ पता लगाया जाता है। आज हम आपको उन योगों के बारे में बताएंगे जिससे यह पता चलता है कि व्यक्ति के पास धन है या नहीं। इतना ही नहीं व्यक्ति के जीवन में कितना सुख-दुख है और धन के मामले में उसका जीवन कैसा होगा? तो आइए जानते हैं कि आखिर कुंडली में मौजूद उन ग्रहों के बारे में जो इंसान के जीवन में सबसे ज्यादा मायने रखते हैं।

नहीं होती कभी धन की कमी

ज्योतिष की माने तो जिन व्यक्तियों की जन्म कुंडली के द्वितीय भाव पर शुभ ग्रह स्थित होता है या फिर उनकी शुभ दृष्टि पड़ती है तो ये भाव शुभ कहलाता है ऐसे में व्यक्ति के जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं होती है।

गरीबी से होता है सामना

कहा जाता है कि जिस व्यक्ति की कुंडली के द्वितीय भाव में बुध ग्रह मौजूद हो और उस पर चंद्रमा की दृष्टि हो तो यह जातक के लिए अशुभ होता है। यही नहीं ऐसे लगा हमेशा ही गरीबी में जीते हैं। ये लोग मेहनत तो बहुत करते हैं लेकिन कभी भी पैसे इकट्ठा नहीं कर पाते हैं।

पैतृक धन भी हो जाता है नष्ट

जिन लोगों की कुंडली के द्वितीय भाव में चंद्रमा मौजूद हो और उस पर नीच के बुध दृष्टि पड़ जाती है तो ये स्थिति बेहद ही चिंताजनक वाली होती है क्योंकि ऐसे लोग कभी अमीर नहीं बन पाते हैं और साथ ही उनका पैतृकधन भी नष्ट हो जाता है।

हमेशा छाई रहती है तंगी

जिस लोगों की कुंडली के द्वितीय भाव में किसी पाप ग्रह की दृष्टि होती है तो ऐसी स्थिति उनके लिए बेहद ही अशुभ साबित होती है क्योंकि ये लोग भले ही मेहनत खूब करते हैं लेकिन उसका फल बहुत कम मिलता है। पैसा खर्च करने की आदत के कारण इनके पास हमेशा तंगी रहती है।

आजीवन रहती है गरीबी

यदि व्यक्ति की जन्म कुंडली में चंद्रमा अकेला हो और द्वितीय और द्वादश स्थान पर कोई ग्रह ना हो तो व्यक्ति के पास कभी पैसा नहीं रहता है। ऐसा व्यक्ति मेहनत तो काफी करता है लेकिन वह आजीवन गरीब ही रहता है।

कभी नहीं टिकता इनके पास पैसा

अगर व्यक्ति की जन्म कुंडली में सूर्य और बुध द्वितीय भाव में स्थित हो तो ऐसी स्थिति जातक के लिए काफी अशुभ होती है। ऐसे में व्यक्ति के पास कभी पैसा नहीं टिकता, इतना ही नहीं इसके अलावा उन्हें हर क्षेत्र में हानि का सामना करना पड़ता है।

मिलती हैं सारी सुविधाएं

अब बात करते हैं उस योग की जिसके होने से व्यक्ति की जिंदगी काफी खुशहाल रहती है क्योंकि ये योग बेहद शुभ होते हैं। कहा जाता है कि जिस व्यक्ति की कुंडली के द्वितीय भाव में चंद्रमा स्थित हो तो ऐसे में वो काफी धनवान होता है और सभी प्रकार के भौतिक सुख-सुविधाओं का भोग करता है। ऐसे लोगों को कम मेहनत में ही सभी प्रकार की सुविधाएं मिलती हैं।

जन्म कुंडली विशेषज्ञ पंडित श्री टी आर शास्त्री को 45 वर्षों का अनुभव प्राप्त है। 25 वर्षों से ज्योतिष का अभ्यास कर रहे हैं और एक व्यक्ति की हथेली और उनके चेहरे को देखकर भविष्य की भविष्यवाणी करने में माहिर हैं। इस समस्या में आपकी बेहतर तरीके से मदद कर सकते हैं।

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