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योग चिकित्सा से होते हैं ढ़ेरों लाभ, स्वस्थ शरीर के साथ मिलती ही लंबी आयु

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योग चिकित्सा

योगासन को लेकर कई सारी बातें लोगों के मन में आती है जिनमें से कुछ सही होती है तो कुछ गलत। वहीं कुछ लोगों को योग के बारे में जानकारी का अभाव भी होता है। वैसे तो योग चिकित्सा के कई सारे फायदे हैं लेकिन कहा जाता है कि योग के आसन दूसरे शारीरिक आसनों की अपेक्षा लम्बे शोध और प्रयोग के बाद रोग, शरीर विज्ञान के अनुसार निर्मित किए गए हैं। यही कारण है कि साधु व ऋषि-मुनियों ने योगासन का अविष्कार किया था जिससे बीमारियों को खुद से दूर रखा जा सके और आयु लंबी हो सके, उस जमाने में लोग स्वस्थ रहकर ज्यादा समय तक जीना चाहते थे ताकि उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हो सके। भारतवर्ष की अमूल्य धरोहर है योग विद्या योग पद्दति सुदूर अतीत काल से चली आ रही है।

योग के आसनों द्वारा कोई सा भी रोग दूर किया जा सकता है। वैसे अगर बात करें इस कोरोना काल की सभी सलाह में एक सलाह लोगों को यह भी दी जा रही है कि वो अपनी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएं। इसके लिए भी आप योग का सहारा ले सकते हैं, जिसके जरिए इम्यून सिस्टम को मजबूत किया जा सकता है। योग से कई सारे फायदे होते हैं, इसके जरिए व्यक्ति को सुंदर काया के साथ साथ स्वस्थ मन भी प्राप्त होता है यही कारण है कि दिन प्रतिदिन योग चिकित्सा का महत्व बढ़ता ही जा रहा है। आज हम आपको योग चिकित्सा के लाभ बताने जा रहे हैं..

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ये हैं योग चिकित्सा के लाभ :

हड्डियां

योग चिकित्सा जिसे लोग योग थेरैपी भी कहते हैं, इससे शरीर की सबसे महत्वपूर्ण यानि रीढ़ की हड्डी पर भी असर पड़ता है। वैसे ये बात तो आपको भी पता होगा कि शरीर की सभी हड्डियां रीढ़ की हड्डी पर निर्भर होती है। इसलिए जो व्यक्ति निरंतर योग करता है उसके रीढ़ की हड्डी लचीली और मजबूत हो जाती है जिसके कारण व्यक्ति को कभी बुढ़ापा नहीं आता। यही नहीं इसके साथ ही साथ हाथ और पैरों की हड्डियां भी लचकदार बनी रहती है जिसके कारण छोटी-मोटी दुर्घटना होने से कभी फ्रेक्चर की नौबत नहीं आती। हड्डियों के मजबूत और लचीले बने रहने से मांसपेशियों को भी ताकत मिलती है।

मांसपेशियां

योग आसनों को लगातार करते रहने से शरीर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं उसे ताकत भी मिलती है। इससे कमजोर व्यक्ति हष्ट-पुष्ट हो जाते हैं वहीं जो लोग मोटे होते हैं वो फिट व स्वस्थ हो जाते हैं। एक स्वस्थ शरीर के लिए मांसपेशियों का मजबूत और स्वस्थ रहना जरूरी है क्योंकि इससे भीतरी अंगों को ताकत मिलती है।

धमनियां

योग चिकित्सा से शरीर के अंदर मौजूद रक्त वाहिनियां भी लचीली बनती हैं जिसके कारण हृदय तक आसानी से रक्त पहुंचता है और वह स्वस्थ बना रहता है। यही नहीं इस क्रिया से खून भी साफ होता है और तो और रक्त वाहिनियों के अलावा अन्य प्रकार की नाड़ियां और धमनियां भी मजबूत रहकर फेंफड़ों, मस्तिष्क और आंखों को लाभ पहुंचाती रहती है।

भीतरी अंग

योग आसनों को रोजाना अपनी दिनचर्या में शामिल करने से शरीर के भीतरी अंगों में जमा मल और जहर बाहर निकल जाता है जिससे कि वह पुन: सुचारू रूप से कार्य करने लगते हैं। इस क्रिया से वे लम्बे काल तक स्वस्थ बने रहते हैं। यही नहीं इससे आप काफी अच्छा भी महसूस करते हैं।

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बाहरी अंग

शरीर जब अंदर से स्वस्थ रहेगा तभी ताकतवर बनेगा, ऐसे में जाहिर सी बात है कि आपके शरीर के बाहरी अंग भी स्वस्थ व चमकदार होंगे। संपूर्ण देह कांतिमय, सुंदर और स्वस्थ नजर आएगी। आसनों के द्वारा शरीर को एक सुंदर शेप दिया जा सकता है।

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आप चाहिए तो योग संबंधित जानकारी व योग चिकित्सा के बारे में विशेष जानकारी ले सकते हैं व इसका लाभ भी उठा सकते हैं। इसके लिए Spark.live पर अनुज कुमार अग्रवाल आपके लिए मौजूद हैं जो कि एक प्रमाणित योग चिकित्सक हैं। अनुज कुमार अग्रवाल को बिहार स्कूल ऑफ योगा में योग ट्रेनर के रूप में सात साल का अनुभव प्राप्त है जो कि आयुष मंत्रालय द्वारा प्रमाणित भी है।

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