यह कहानी एक ऐसी लड़की की हैं जिसने भावनात्मक रूप से बेवफा होने का परिणाम पाया। 

1. मैं मेरे बॉयफ्रेंड के साथ अलग जाके रहने लगी , घर से लगभग ३००० मील दूर। हम दोनों ने सोचा नहीं था कि हम कितने होमसिक फील करेंगे पर हमने सोचा कि हम दोनों अगर साथ हो तो ख़ुशी से रह लेंगे। 

2. ६ महीने हुए भी नहीं थे कि होमसिकनेस, थकावट, डिप्रेशन और अतुलनीय अकेलेपन पनप ने लगा था। दोस्ती, प्यार, और समर्थन के लिए पूरी तरह से एक-दूसरे पर निर्भर रहना उसे ज़रूरतमंद और मुझे नाराज कर देता था। 

3. कोई भी सोशल इंटरेक्शन न होने से निराश होक, मैंने अन्य पुरुषों, पूर्व मक्खियों, और मेट्रो अजनबियों की उपस्थिति और स्नेह में सरहाना ली। मैंने सेक्सुअली चीट नहीं किया पर इमोशनली चीट कर रही थी । 

4. इसका एहसास उसे हो रहा था, पर मैं मेरा फ़ोन छिपा रही थी, चैट्स छिपा रही थी। एक लड़के से मैं बातें कर रही थी वो मुझे मेरे बॉयफ्रेंड से ब्रेकअप करके उसके पास आने के लिए कह रहा था। मैंने मेरे बॉयफ्रेंड के साथ सारे सम्बन्ध तोड़ दिए। 

5. अभ में अकेली हूँ,  और इस बात का पछतावा हैं कि मैंने मेरे अच्छे खासे रिश्तें को ख़तम कर दिया। इमोशनल चीटिंग भी चीटिंग हैं। 

इस बात से मैंने कुछ चीज़े सीखी :

१. जोश में होश न खोए :

         हम बहुत छोटे थे जब हमने अलग रहने का फैसा लिया। उस उम्र में हम काफी अविकसित होते हैं। हम सोचते है कि प्यार ही काफी हैं सारी उम्र साथ बिताने के लिए। हमारे माता पिता के हमारे प्रति चिंता से हम हताश होने लगते हैं। ऐसा नहीं कि आपका प्यार झूठा हैं, या आपका रिश्ता टूट ही जायेगा। लेकिन आपको अपने रिश्ते को थोड़ा समय देना चाहिए। 

२. किसी और से अट्रैक्शन :

         हो सकता हैं कि आप किसी और से आकर्षित हो। आपका पार्टनर दुनिया का सबसे अच्छा दिखने वाल्ला तो नहीं हैं, कभी न कभी आपको उनसे भी बेहतर दिखने वाल्ला या व्यवहार करने वाल्ला ज़रूर मिलेगा। लेकिन आपको समझना चाहिए कि आपके पार्टनर ने जो आपके लिए किया हैं आज दिन तक वह आपके लिए और कोई नहीं करेगा। वह बेशक सभसे बेहतर नहीं हैं, लेकिन आपके लिए अगर कोई तकलीफ लेके इतना सभकुच कर रहा हैं तो आपकी भी ज़िम्मेदारी बनती हैं उनके लिए सभकुच करना।

३. ज़िम्मेदारी लेना :

प्यार और कमिटमेंट एक तरफ़ा नहीं होता। अगर दो लोग इसमें हैं तो दोनों को बराबर के एफ्फोर्ट्स बनाने चाहिए इस रिश्ते को सवारने के लिए। अगर आप एक कमिटेड रिश्ते में हैं, बेवजह किसी तीसरे में अपना साथी न ढूंढें। अपने प्रोब्लेम्स बैठकर आपस में ही सुलझाए । 

४. कर्मा में विश्वास रखें :

हम ऐसा नहीं कह रहे कि अगर आपको अपने रिश्ते में ज़िल्लत, अपमान, और तकलीफ हो रही हैं तभी भी उस रिश्ते में रहें। लेकिन अगर बिना आपके पार्टनर कि गलती के उनके साथ नाइंसाफी कर रहें हैं उनको किसी और के लिए छोड़कर, तो आप बहुत गलत कर रहें हैं। अगर आपके वजहसे कोई और तकलीफ में हो आप कभी खुश नहीं रह पाएंगे। 

इस तरह भावनात्मक रूप से बेवफा होना एक रिश्ते के लिए जहर बन सकता है।

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