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करवा चौथ के व्रत की सही विधि (The correct way of fasting for Karwa Chauth)

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शादी हर महिला के जीवन में एक महत्वपूर्ण कदम होता हैं। इस कदम से ही एक औरत अपने गार्हस्थ्य जीवन का शुभ आरम्भ करती हैं। एक बेटी से बहु, बीवी, भाभी बन ने का शुभ आरम्भ। इन रिश्तों के साथ वह कई भावनाए जोड़ लेती हैं।

और सभसे पहली भावना हैं एक पत्नी का। वह खुद से पहले अपने पति की लम्बी उम्र के लिए प्रार्थना करती हैं। इसी भावना से जुड़ा हैं करवा चौथ।

अगर आप भी करवा चौथ मानते हैं या आगे जाकर मनाना चाहते हैं!

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तो आइये देखते हैं इसके व्रत की सही विधि।

  1. आपको पूरा दिन व्रत करना हैं, तो आपको अपने शरीर और मन को तैयार करना पढ़ेगा। सूर्योदय से पहले दिल और मन से व्रत का संकल्प लें, फिर सास द्वारा भेजी गई सरगी का सेवन करें। सरगी में मीठे, फल, सेंवई, पूड़ी और श्रृंगार के उत्पाद दिए जाते हैं। करवा चौथ में सरगी के दौरान प्याज और लहसुन से बने खाद्य पदार्थ न खाएं।
  2. सरगी के सेवन के बाद करवाचौथ के निर्जल व्रत का आरम्भ हो जाता हैं। पूरे दिन माता पारवती, शिव भगवान् और गणपति जी का नाम मन में जपते रहे।
  3. दीवारों पर पीसे हुए चावल (तरल) – गेरु से फलक और करवा के चित्र बनाए और दीवारों को रंगने की यह कला एक बहुत पुरानी परंपरा है।
  4. हलवा के साथ आठ पूरियों से अठावरी बनाए । इनके साथ कुछ और पक्के पकवान बनाए।
  5. पीली मिटटी से भगवान् गणेश और माता गौरी के चित्र बनाए । भगवान् गणेश को माता पारवती की गोद में रखें। शाम के समय उनकी पूजा अर्चना करना आवश्यक हैं।
  6. गौरी माँ को लकड़ी के तख़्त पर बिठाकर उन्हें लाल कपड़ों से साझाए, उन्हें सोलह श्रृंगार भी अर्पित करें।उनके आगे इ कलश में पानी भरकर रखें।
  7. गेहूं के दानों से भरे कटोरे के अंदर पिसी हुई चीनी डालें और उसके ऊपर दक्षिणा (वर्तमान) भी रखें। करवा पर लाल सिंदूर से स्वस्तिक बनाएं।
  8. गणपति जी और गौरी माता की पूजा अर्चना करते समय । इस मंत्र का जप करें। ‘नमः शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं संतति शुभाम्‌। प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे॥’
  9. करवा चौथ की कहानी पढ़े या सुने। उसके पश्चात घर के सभी बड़े बुज़ुर्गों का आशीर्वाद लें।
  10. रात के समय, चन्नी द्वारा पहले चन्द्रमा के दर्शन लें और फिर अपने पति की।उनके पैर चुकार आशीर्वाद लें। फिर अपने पति को प्रसाद और खाना अर्पण करें फिर खुद भी खाना खा लें।

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यूँ तो करवा चौथ का व्रत पत्निया अपने पति के लिए रखती हैं। लेकिन पति भी कम नहीं, पति भी दिन भर व्रत रखने में अपनी पत्नियों का साथ देने लगे हैं। आखिरकार पति का प्यार पत्नियों के प्यार से कम थोड़ी न हैं।

यह थाली आपके करवा चौथ की शोभा बढ़ा देगी।

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“करवा चौथ के व्रत की सही विधि (The correct way of fasting for Karwa Chauth)” पर 2 विचार

  1. पिंगबेक: बॉयफ्रेंड होने के बारे में सबसे अच्छी बातें(Best things about having a boyfriend)

  2. पिंगबेक: हिंदी सैड सांग जो आपकी रूह को हिला दे.................................!

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