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रक्षाबंधन 2020: 29 साल बाद बन रहा है महासंयोग, ये है राखी बांधने का मुहूर्त

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रक्षाबंधन

सावन का महीना चल रहा है इस माह कई त्योहार आते हैं। इस माह में कई पावन त्योहार मनाए जाते हैं ये सभी त्योहार हिंदू धर्म के लिए महत्वपूर्ण हैं। बीते दिनों नागपंचमी का त्योहार मनाया गया था और अब जल्द ही रक्षाबंधन का त्योहार आने वाला है जो कि हर साल सावन माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस बार ये त्यौहार सावन के आखिरी सोमवार यानी 3 अगस्त को पड़ रहा है। ये बात भी सच है कि इस लॉकडाउन में रक्षाबंधन से लेकर सभी त्योहार का रंग फीका पड़ गया है जिससे हर कोई निराश हो गया है।

पर ज्योतिषियों की मानें तो ये रक्षाबंधन बहुत खास होने वाला है क्योंकि इस साल रक्षाबंधन पर सर्वार्थ सिद्धि और आयुष्मान दीर्घायु का शुभ संयोग बन रहा है। जो कि आपके भाई के लिए ढ़ेर सारी शुभकामनाएं लेकर भी आई है। ज्योतिषाचार्यों की मानें तो रक्षाबंधन पर ऐसा शुभ संयोग 29 साल बाद आया है। आज हम आपको बताएंगे कि रक्षाबंधन के दिन किस शुभ मूहुर्त में राखी बांधना शुभ रहेगा? साथ ही इन संयोग का किस तरह से लाभ उठाया जा सकता है?

ये है रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त

शास्त्रों व पंडितों की मानें तो कहा जाता है कि भद्राकाल में राखी नहीं बांधना चाहिए। इसके पीछे एक मान्यता है जिसमें बताया गया है कि रावण की बहन ने उसे भद्रा काल में ही राखी बांध दी थी इसलिए रावण का विनाश हो गया। हर बार की तरह इस बार भी रक्षाबंधन पर भद्रा काल का योग बन रहा है ज्योतिषियों का कहना है कि 3 अगस्त को भद्रा सुबह 9 बजकर 29 मिनट तक है। राखी का त्योहार सुबह 9 बजकर 30 मिनट से शुरू हो जाएगा। दोपहर को 1 बजकर 35 मिनट से लेकर शाम 4 बजकर 35 मिनट तक बहुत ही अच्छा समय है। इसके बाद शाम को 7 बजकर 30 मिनट से लेकर रात 9.30 के बीच में बहुत अच्छा मुहूर्त है।

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रक्षाबंधन पर बन रहा महासंयोग

इस दिन ग्रह व नक्षत्रों के संयोग से कुछ शुभ संयोग भी बन रहा है, दरअसल इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। इस संयोग में सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसके अलावा इस दिन आयुष्मान दीर्घायु योग है यानी भाई-बहन दोनों की आयु लंबी हो जाएगी। इसके साथ ही 3 अगस्त को सावन की पूर्णिमा है। हालांकि ये अच्छा इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि ऐसा संयोग बहुत कम आता है कि सोमवार के दिन पूर्णिमा पड़ जाए।

ज्योतिषियों का ये भी मानना है कि रक्षाबंधन वाले दिन चंद्रमा का ही श्रवण नक्षत्र है। मकर राशि का स्वामी शनि और सूर्य आपस मे समसप्तक योग बना रहे हैं। शनि और सूर्य दोनों आयु बढ़ाते हैं। ऐसा संयोग 29 साल बाद आया है।

दूर रह कर कैसे मनाएं रक्षाबंधन

ये सबकुछ जानने के बाद एक सवाल हर किसी के मन है खासकर जो बहनें अपने भाईयों से दूर हैं। इस बार कोरोना वायरस की वजह से कई भाई- बहन का रक्षाबंधन के त्योहार पर मिल नहीं पाएंगे। भाई-बहन अलग-अलग भी रहते हुए ये त्योहार मना सकते हैं। बहनें वीडियो कॉल करके भाई को देखते हुए भगवान कृष्ण की तस्वीर सामने रखकर उन्हें भाई मानकर उनके सामने राखी रख दें तो रक्षाबंधन का फल मिल जाएगा।

भाई ऑनलाइन वीडियो कॉल पर ही बहनों को आशीर्वाद दे दें। बहनें भगवान कृष्ण जी के सामने भोजन का भोग लगाकर भाई को दिखा दें। इस योग में सभी 12 राशियों का भला होने वाला है। इस दिन आप जो भी मनोकामना लेकर कृष्ण जी के सामने राखी का त्योहार मनाएंगे वो सभी पूरी होंगी।

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सावन माह में ज्योतिष से संबंधित अगर आप कोई जानकारी लेना चाहे तो Spark.live पर मौजूद ज्योतिष विशेषज्ञ स्वदेश घोष आचार्य से परामर्श ले सकते हैं। स्वदेश घोष आचार्य ज्योतिष के साथ ही साथ तंत्र विद्या व आध्यात्मिक सलाह भी देते हैं।

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