Read Home » हिंदी लेख पढ़ें » करियर » लॉकडाउन में तैयार करें एग्जाम की नई रणनीति, जेईई हो या नीट ऐसे करें तैयारी

लॉकडाउन में तैयार करें एग्जाम की नई रणनीति, जेईई हो या नीट ऐसे करें तैयारी

  • द्वारा

लॉकडाउन की वजह से सभी चीजें जैसे थम सी गई हैं चाहें वो नौकरी हो या फिर पढ़ाई या फिर अन्य सभी चीजें। लेकिन यह भी सच है कि हर किसी को लॉकडाउन व कोरोना के खत्म होने का इंतजार है ताकि सभी चीजें फिर से शुरू हो सके, लॉकडाउन खुलने के बाद अब परीक्षाओं का दौर शुरू होगा। क्योंकि जेईई और नीट परीक्षाओं की नई तरीखों की घोषणा कर दी गई। दोनों की तैयारी के लिए स्टूडेंट्स को अब पर्याप्त समय मिल गया है। ऐसे में करियर काउंसलर का कहना है कि छात्रों को लॉकडाउन के इस एक्स्ट्रा समय में एग्जाम की नई रणनीति तैयार करने की प्लानिंग करनी होगी ताकि तैयारियां खराब न हों।

जेईई और नीट के लिए लॉकडाउन में बनाएं नई रणनीति

स्ट्रेस दूर करने का काम करें

करियर काउंसलर शांतनु सिंह का मानना है कि स्ट्रेस दूर करने के लिए पढ़ाई के बीच-बीच में कॉमेडी वीडियोज और क्लिप्स देखना माइंड रिफ्रैश करने का काम करता है। वहीं ध्यान रहे कि इस बीच आप नेगेटिव बातों से दूर रहें, क्योंकि इससे स्ट्रेस सबसे ज्यादा बढ़ता है। मोटिवेशनल वीडियोज एग्जाम में बेस्ट परफॉर्मेंस के लिए मोटिवेट करते हैं।

मॉक टेस्ट के बाद सेल्फ एनालिसिस

अगर आप इस एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं तो आपको पता होगा कि बोर्ड द्वारा एग्जाम को लेकर मॉक टेस्ट भी चलाए जा रहे हैं ऐसे में मॉक टेस्ट खत्म होने के बाद सेल्फ एनालिसिस करें कि टेस्ट के दौरान किस-किस तरह की गलतियां हुई हैं। वहीं इससे अभी भी जिन सब्जेक्ट में प्रॉब्लम आ रही है उन्हें दूर करने का मौका मिल जाएगा।

यह भी पढ़ें : JEE व NEET में होना चाहते हैं पास तो काम आएंगे ये ट्रिक्स

रिवीजन के लिए भरपूर समय

भले ही लॉकडाउन होने की वजह से सबकुछ रूक सा गया है और आप निराश हो रहे हैं लेकिन इसका एक फायदा यह भी है कि इस दौरान आपको रिवीजन के लिए भरपूर समय मिल रहा है। ऐसे में गलत सवालों में कैलकुलेशन की गलती और कॉन्सेप्ट की प्रॉब्लम आती है तो पेपर प्रैक्टिस बढ़ाना अच्छा होगा। रोजाना 600 सवाल हल करें। 8 से 10 घंटे की डेली तैयारी जरूरी है। इसके लिए सिर्फ एनसीईआरटी पर फोकस रखें। सवालों की प्रैक्टिस करें और स्पीड मेंटेन करें।

लैंग्वेज और स्किल पर करें फोकस

लॉकडाउन का खाली समय जेईई और नीट प्रिपरेशन को शार्प करने वाला है। ऐसे में लैंग्वेज और कॉम्प्रेहेंसिव स्किल्स को बढ़ाने पर फोकस किया जाना चाहिए। इसके साथ ही दिन में एक मॉक टेस्ट जरूर देना चाहिए। इसके साथ ही ऑनलाइन क्लासेज में रेग्यूलर रहना चाहिए, ताकि स्टडी का रिदम न टूटे।

पेपर एनालिसिस करने की जरूरत

करियर काउंसलर की राय है कि अगर एग्जाम की तैयारी के लिए लिए सेल्फ एनालिसिस होना बहुत जरूरी है। इससे मिस्टेक दूर होंगी। एनसीईआरटी बुक्स को रिवाइज करेंगे तो नॉलेज बढ़ेगा। सवाल को जल्दबाजी में बिल्कुल न पढ़ें, एक ही पार्ट में ज्यादा समय देने के कारण सवाल छूटने जैसी प्रॉब्लम्स हो सकती है।

एक वीक में दो पेपर सॉल्व करें

एक नियम बना ले कि हर हफ्ते दो पेपर्स सॉल्व करने होंगे। इसमें एक मेन और दूसरा एडवांस का होना चाहिए, क्योंकि स्टूडेंट्स को एडवांस के लिए भी ज्यादा समय नहीं मिलेगा। 30 सेकंड में एक सवाल हल करने की कोशिश करें।

करियर काउंसलर से करें संपर्क

अगर आप एक बेहतर अभिभावक हैं व अपने बच्चे को उज्जवल भविष्य देना चाहते हैं तो सबसे पहले जरूरत है की आप खुद को बदलें। बच्चे पर दबाव बनाने के बदले उसकी परेशानियों को समझें इसके लिए करियर काउंसलर एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है, जो आपके बच्चे का सही मार्गदर्शन करेगा। हमारे नेटवर्क पर मौजूद अनुभवी करियर काउंसल व मेंटर के रूप में मौजूद हैं शांतनु सिंह। जो न कि आपके बच्चे को पढ़ाई को लेकर सही मार्गदर्शन देंगे बल्कि उसकी रूचियों के अनुसार उसे सही विषय चुनने का निर्णय भी प्रदान करेंगे। शांतनु सिंह बीटेक करने के साथ कोटा में कोचिंग कक्षाओं में शिक्षकों के रूप में भी काम कर चुके हैं।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *