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पेलियो बनाम कीटो डाइट: इनमें क्या है अंतर, वजन घटाने में कौन है बेहतर ?

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Keto Diet Vs Paleo Diet

आज हमारी जैसी लाइफस्टाइल है इसमें हम अपने डाइट को लेकर कई तरह की लापरवाही बरतते है लेकिन, अगर हमें बेहतर जीवनशैली का पालन करना है तो हमारा डाइट लेना बेहद जरूरी है। यहीं कारण है कि हर किसी को अपना एक डाइट प्‍लान बनाना चाहिए, इससे आप हमेशा हेल्‍दी लाइफ जी सकेंगे। एक हेल्दी डाइट ना सिर्फ आपको हेल्थी लाइफ देगा। वजन कम करने के लिए लोग पेलियो डाइट या फिर कीटो डाइट का सहारा लेते हैं। कई बार लोगों के मन में ये सवाल आता है कि पेलियो बनाम कीटो डाइट में से कौन ज्यादा बेहतर है और किसे अपनाना सही होगा? तो आज हम आपके लिए इन सवालों का जवाब लेकर ही आए है। आइए जानते हैं कि इन दोनों तरह के डाइट में कितनी समानता, असामनता है व कौन ज्यादा बेहतर है?

पेलियो बनाम कीटो डाइट

सबसे पहले तो बता दें कि ये दोनों ही डाइट वजन घटाने का काम करते हैं। कीटो डाइट में कम कार्बोहाइट्रेड वाली चीजों की प्राथमिकता होती है। इसमें स्टार्च और शर्करायुक्त भोजन जैसे कि रोटी, पास्ता, चावल, मकई, मिठाई, फल और सब्जियां शामिल की जाती हैं। पेलियो डाइट में मुख्यरूप से नॉनवेज, फल, नट्स और पत्तेदार सब्जियां होती हैं। कीटो डाइट, वजन घटाने के लिए ब्लड सुगर को नियंत्रित करने और कुछ न्यूरोलॉजिकल विकारों में सुधार करने के लिए एक लोकप्रिय आहार बन गया है। पेलियो डाइट ने वजन घटाने का भी वादा किया है लेकिन इसके अलावा एक बेहतर स्वास्थ्य भी प्रदान करता है।

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पेलियो और कीटो डाइट के बीच समानताएं

पेलियो और कीटो दो प्रकार की खाने की योजनाएँ हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं। दोनों प्रकार के आहार पोषक तत्व प्राप्त करते समय पूरे खाद्य पदार्थों पर ही निर्भर करते हैं।

वहीं इसके अलावा ये दोनो डाइट में शामिल खाद्य पदार्थ कार्बोहाइड्रेट को खत्म करते हैं। वैसे तो ये स्वस्थ वसा पर ज्यादा केंद्रित होते हैं इसी वजह से ये दोनों ही वजन घटाने के लिए प्रभावी होते हैं।

पेलियो बनाम कीटो डाइट के बीच अंतर

पेलियो डाइट का प्रभाव शुरुआती में मनुष्यों द्वारा खाए गए खाद्य पदार्थों के प्रकार पर आधारित होता है, जिसमें मुख्य रूप से मांस, मछली, सब्जियां और फल शामिल होते हैं और डेयरी या अनाज उत्पादों व भोजन को छोड़कर, जबकि कीटो वसा और वसा में उच्च आहार को आधारित होता है। कार्बोहाइड्रेट में कम है, जो शरीर को केटोन्स नामक अणुओं में वसा को तोड़ने का कारण बनता है।

विशेषज्ञों की मानें तो कीटो डाइट में वसा में अधिक है, जबकि पेलियो डाइट में प्रोटीन अधिक होता है। हालांकि पेलियो आहार में अभी भी विभिन्न प्रकार के स्वस्थ वसा शामिल हैं जबकि कीटो एक उच्च वसा वाला आहार माना जाता है , क्योंकि यह वसा दैनिक कैलोरी का लगभग 75 प्रतिशत प्रदान करता है। कीटो डाइट में कार्ब्स की मात्रा हर दिन (लगभग 20-30 ग्राम शुद्ध कार्ब्स) होनी चाहिए, क्योंकि यह पोषण किटोसिस में आने के लिए महत्वपूर्ण है। जबकि पेलियो डाइट का लक्ष्य कीटोसिस में नहीं जाना है, बल्कि बस एक स्वस्थ, संतुलित आहार खाना है।

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वजन घटाने के लिए कौन है सबसे बेहतर

यह कहना गलत नहीं है कि ये दोनों ही डाइट प्लान अपने आप में बेहतर है लेकिन जब बात आती है इनकी तुलना करने की तो इन दोनों में से किसी एक को कम और ज्यादा आंकना संभव नहीं है। इसलिए यह स्पष्ट कर पाना मुश्किल है कि इन दोनों में बेहतर कौन है ? क्योंकि दोनों स्वस्थ आहार हैं, जिनमें वजन घटाने, चयापचय स्वास्थ्य, प्रतिरक्षा और बहुत कुछ को नियंत्रण रखने का काम करते हैं। हालांकि पेलियो डाइट को आप लंबे समय तक प्रयोग में ला सकते हैं लेकिन बात करें कीटो डाइट की तो यह थोड़ा मुश्किल होता है।

आप अगर जानना चाहते हैं कि वजन घटाने में कौन सा इन दोनों में से कौन सा डाइट आपके शारीरिक जरूरत के अनुसार सही रहेगा तो हमारे नेटवर्क पर मौजूद डाइटिशियन सोनाली मलिक आपकी मदद कर सकते हैं। वो आपको एक परफेक्ट डाइट चार्ट भी बनाकर दे सकते हैं इसलिए हमारे डाइटिशियन सोनाली मलिक से संपर्क करें।

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