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ऑनलाइन लर्निंग: यह कैसे काम करता है? |Online Learning: How Does It Work?

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ऑनलाइन लर्निंग

ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली जिसे ई-लर्निंग या ऑनलाइन लर्निंग के नाम से भी जाना जाता है। आजकल ये शब्द सबसे ज्यादा चर्चा में है दरअसल इसके पीछे एक वजह ये भी है कि लोग इस कोरोना काल में ऑनलाइन लर्निंग का सहारा ले रहे हैं। हालांकि ऑनलाइन लर्निंग के बारे में काफी कम लोगों को पता होगा इसलिए आज हम आपको विस्तृत रूप से इसकी जानकारी देने जा रहे हैं।

ऑनलाइन लर्निंग क्या है ?

ऑनलाइन लर्निंग हमारी पारम्परिक शिक्षा के बिल्कुल विपरीत है, यह एक अलग तरह की शिक्षा प्रणाली है जिसमें हम इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जैसे- कंप्यूटर या मोबाइल फ़ोन के उपयोग से ऑनलाइन एजुकेशन प्राप्त करते हैं। ऑनलाइन लर्निंग को ऐसे परिभाषित किया जा सकता है, जो स्वाभाविक तौर पर क्रियात्मक होते हैं और जिनका उद्देश्य शिक्षार्थी के व्यक्तिगत अनुभव, अभ्यास और ज्ञान के सन्दर्भ में ज्ञान के निर्माण को प्रभावित करना है।

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ऑनलाइन लर्निंग के हैं कई फायदे

ऑनलाइन लर्निंग है और ये आपके सिखने के अनुभव को बदल सकता है। आज अगर आपको किसी क्षेत्र के बारे में जानकारी चाहिए तो आप इंटरनेट पर उसे खोज सकते है। इसके अलावा कई ऐसे ऑनलाइन रिसोर्सेज मौजूद है, जहां से आप किसी भी विषय को आसानी से सीख सकते है। कुल मिलाकर ऑनलाइन लर्निंग ऑफलाइन संसाधनों की कमी को पूरा करता है और आपके सिखने के रास्ते में आ रही रुकावटों को दूर करता है।

मौके को देखते हुए असल में ऑनलाइनलर्निंग को बढ़ावा देने के पीछे कई अवधारणाएं थी। उदाहरण के लिए ये उन छात्रों के लिए वरदान बन सकता है, जिनको एजुकेशन लेने के लिए दूर जाना पड़ता है। एक तरह से देखा जाए तो पर्यावरण के हिसाब से भी ऑनलाइनलर्निंग को बढ़ावा मिला क्योंकि ये एक पेपरलेश लर्निंग है। एक कक्षा में बैठकर पढ़ने से आप शिक्षक के साथ अधिक इंटेरैक्ट तो कर पाते हैं लेकिन ऑनलाइन लर्निंग के अपने कई फायदे हैं। इन्ही फायदों की वजह से आज ई-शिक्षा सीखने के तरिके को काफी आसान और अधिक प्रभावी बना चुकी है।

आप अपने कम्फर्ट के हिसाब से एनीटाइम और एनीवेयर सीख सकते है यानि आपको समय और स्थान की कोई पाबंदी नहीं है। जब आप क्लासरूम में टीचिंग करते है, यदि आपसे कोई क्लास छूट जाये तो आपको उस विषय को खुद से सीखना होगा जबकि ऑनलाइन लर्निंग के माध्यम से आप वेब बेस्ड कॉन्टेंट को अनलिमिटेड टाइम्स तक एक्सेस कर सकते है और बार-बार देख कर समझ सकते है।

कैसे करता है काम ?

ये एक बड़ा सवाल है जिसका जवाब पढ़ाई का स्तर और एजुकेशन संस्थान पर निर्भर करता है।

पढ़ाई का स्तर– इससे कहने का मतलब ये है कि आप किस स्तर की पढ़ाई करना चाहते है क्योंकि, हमारी शिक्षा कई स्तरों में विभाजित होती है जैसे- स्कूल (प्राइमरी, मिडिल, सकेंडरी), कॉलेज, यूनिवर्सिटी, प्रोफेशनल आदि।

एजुकेशन संस्थान – वहीं अगर आप ऑनलाइन पढ़ाई शुरु करना चाहते हैं तो उसके द्वारा निर्मित कोर्सेस की आवश्यता क्या है? यदि कोर्सेस पारंपरिक एजुकेशन के हैं तो आपको कई प्रकार के टूल्स की जरूरत पड़ सकती है। कौशल सुधारने के लिए विकसित कोर्सेस केवल इंटरनेट युक्त डिवाइस के माध्यम से पूरे किए जा सकते है।

इसमें यह बात ध्यान रहे कि ऑनलाइन स्टडी घर बैठे-बैठे ही करहोती है इसके लिए ऑनलाइन क्लासेस अटैंड करनी पड़ती है। जिन्हे एजुकेशन संस्थानों द्वारा होस्ट किया जाता है। स्टुडेंट्स को क्लास के दौरान ही कुछ एक्टिविटिज तथा क्विज के माध्यम से परखा जाता है यानि, स्टुडेंट्स और अध्यापक अपनी-अपनी जगह से ही इंटरनेट के जरिए एक दूसरे से जुड़े रहते है।

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