Read Home » हिंदी लेख पढ़ें » करियर » निकिता कुक्कड़ से जानें भविष्य निर्माण में कैसे मदद करता है करियर काउंसलर ?

निकिता कुक्कड़ से जानें भविष्य निर्माण में कैसे मदद करता है करियर काउंसलर ?

  • द्वारा

आज के समय में लोग करियर काउंसलर की भुमिका को समझ नहीं पाते हैं यही वजह है कि आज के इस आधुनिक दुनिया में कई क्षेत्रों में तो विस्तार हुआ है लेकिन फिर भी कई युवा ऐसे हैं जो बेरोजगार हैं या फिर अपने भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं। दरअसल इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि वो सही समय पर सही निर्णय नहीं ले पाते हैं और अंत में उन्हें अफसोस होता है। इसलिए अफसोस करने से अच्छा है कि माता पिता व छात्र दोनों को ही समय रहते करियर काउंसलर से परामर्श लेना चाहिए। आज हमने करियर काउंसलर निकिता कुक्कड़ से साक्षात्कार लिया जिसमें उन्होने तमाम महत्वपूर्ण सवालों के जवाब दिए।

ये हैं निकिता कुक्कड़ के साक्षात्कार में पूछे गए कुछ प्रश्न उत्तर

प्रश्न: सही भविष्य के निर्माण में कैसे मदद करता है करियर काउंसलर ?

उत्तर: अक्सर ही मुझसे इस तरह का सवाल पूछा जाता है कि कैरियर परामर्श से कौन से लाभ प्राप्त होते हैं। यह सवाल आम तौर पर उन लोगों से पूछा जाता है जो अपने विषयों को तय करने या कैरियर में बदलाव के बारे में अभी सोचना शुरू ही किये होते हैं। इसलिए एक कैरियर परामर्शदाता के साथ आपको इतने सारे लाभ मिलते हैं जो आपकी मदद कर सकते हैं।

आत्म-जागरूकता का निर्धारण: सबसे जरूरी बात तो यह है कि एक करियर काउंसलर आपको करियर विकल्पों में मदद करता है जो आपकी दर्पण छवि हैं। आप एक सफल करियर के लिए सबसे बड़े घटक हैं। इसलिए करियर स्ट्रीम चुनने से पहले हम आपको बेहतर तरीके से समझने में आपकी मदद करते हैं।

अब भारत या विदेश में कई विकल्प उपलब्ध हैं? इलेक्ट्रॉनिक्स या इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग? VIT या BITS? जब आपके सामने कैरियर और कॉलेज के कई विकल्प मौजूद रहते हैं तो ऐसे में उलझन होना तय है। इसलिए एक काउंसलर आपकी प्रोफाइल के अनुसार करियर के चुनाव करने में आपकी मदद करता है।

मेरी राह: आपके पड़ोसी की बेटी को कैरियर या विशिष्ट कॉलेज चुनकर बहुत बड़ी सफलता मिली। अब ये जरूरी नहीं कि आपके बेटे या बेटी को उसी क्षेत्र में सफलता मिले। इस संसार में हर व्यक्ति अद्वितीय और अलग है। हमें उसकी ताकत और कमजोरियों की पहचान करने की आवश्यकता है तभी हम उसे सही सुझाव देने में उनकी मदद कर सकते हैं।

करियर काउंसलर निकिता से संपर्क करने के लिए यहां क्लिक करें

प्रश्न: आखिर किस वक्त पर पड़ती है करियर काउंसलर की सबसे ज्यादा आवश्यकता ?

उत्तर: किसी भी छात्र के लिए एक करियर काउंसलर से परामर्श लेने का सही समय तभी शुरू हो जाता है जब बच्चा 8 वीं कक्षा में होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह करियर की खोज शुरू करने का सबसे सही वक्त होता है। बच्चा अपने आस-पास के विभिन्न चीजों को पूरा कर रहा है और उनकी खोज कर रहा है। इसलिए इस स्तर पर बच्चे को उसकी व्यक्तिगत शक्तियों, रुचियों और उसकी योग्यता के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए ताकि वह अपने लक्ष्य तक पहुँचने के लिए चीजों को पहले से ही सोचना शुरू कर दे।

प्रश्न: करियर के विकास के लिए आप छात्रों की मदद कैसे करती है ?

उत्तर: निकिता कुक्कड़ कहती हैं कि एक विशेष प्रक्रिया के जरिए छात्रों की मदद करने की कोशिश करती हैं, इस प्रक्रिया के जरिए मैं छात्र के प्रतिभा को पहचानने की कोशिश करती हूं। का एक सेट होने के साथ एक व्यक्ति के रूप में समझने की कोशिश करता हूं। फिर हम एक साइकोमेट्रिक टेस्ट आयोजित करते हैं जिसके तीन स्तर होते हैं- इंटरेस्ट इंवेंट्री, एप्टीट्यूड टेस्ट और पर्सनैलिटी टेस्ट। इसके बाद हमारे पास एक विस्तृत रिपोर्ट होता है जिसके आधार पर हम छात्र और अभिभावकों के साथ बात करते हैं और उनके सामने उस रिपोर्ट के आधार पर ही विकल्प पेश करते हैं। वहीं इसके अलावा किसी बच्चे को प्रोफ़ाइल बनाने व विश्वविद्यालयों के संदर्भ में सहायता की आवश्यकता होती है, तो हम वो भी प्रदान करते हैं।

प्रश्न: आपके दिशा निर्देश ने कितने छात्रों का भविष्य संवारा है?

उत्तर: इस सवाल पर निकिता कुक्कड़ कहती हैं कि उनको इस क्षेत्र में तीन वर्षों से भी ज्यादा का अनुभव हो गया है, जिस दौरान मैंने हाईस्कूल से लेकर कॉलेज के स्नातकों तक लगभग पच्चीस सौ से भी अधिक छात्रों का करियर काउंसलिंग किया है।

प्रश्न: आपके परामर्श से सफल होने वाले छात्रों के बारे में बताएं ?

उत्तर: निकिता कुक्कड़ ने बताया कि उन्होने हाई स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक के विभिन्न आयु वर्ग के छात्रों की काउंसलिंग की है। मेरे कई छात्र जिन्होने जिस विश्वविद्यालय का सपना देखा था उसमें वो अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं हैं और उनकी क्षमताओं को समझने के बाद अपने चुने हुए विकल्पों से भी वो काफी खुश हैं, क्योंकि उनकी क्षमता के अनुसार उन्होने विषयों को चुना। मैनें जिस छात्रों का काउंसलिंग किया है वो फ्लेम यूनिवर्सिटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी, क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, हॉन्ग किंग यूनिवर्सिटी, द यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न जैसे विश्वविद्यालयों में अध्ययन कर रहे हैं।

प्रश्न: सही करियर चुनने के दौरान ज्यादातर छात्र क्या गलती कर जाते हैं?

उत्तर: करियर- हालांकि यह शब्द सुनने में सरल लगता है लेकिन इसके बावजूद इसमें निर्णय लेना काफी मुश्किल हो जाता है। क्योंकि इसमें विभिन्न प्रभावित और कारक शामिल होते हैं जो करियर का चुनाव करते समय गलत निर्णय लेने के लिए जिम्मेदार होते हैं। जैसे कि अभिभावक का दबाव, संबंधियों का दबाव, वर्तमान रुझान, गलत धारणाएं और सबसे जरूरी जागरूकता की कमी है। छात्रों और उनके माता-पिता को यह समझने की आवश्यकता है कि हर व्यक्ति के अंदर एक कौशल व क्षमता होता है जिसके जरिए वो अपने सफल भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। यह उन्हें भविष्य के सही रास्ते पर ले जाता है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *