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आत्मनिर्भर भारत के पीछे छिपा है पीएम मोदी का ये लक्ष्य | The goal of PM Modi behind self-reliant India

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आत्मनिर्भर भारत

आज हमारे देश के प्रधानमंत्री पीएम मोदी का जन्मदिन है। देश विदेश से उनके लिए ढ़ेरों शुभकामनाएं आ रही है। हो भी क्यों न भला ऐसे राजनेता बेहद कम ही देखने को मिलते हैं जो अपने देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी मशहूर हैं, जी हां पीएम मोदी को चाहने वाले न सिर्फ भारत में है बल्कि दूसरे देशों में भी इन्हें उतना ही प्रेम मिलता है। बता दें कि आज प्रधानमंत्री मोदी 70 साल के हो गए हैं। आत्मनिर्भर भारत से पीएम मोदी ने एक नई पहचान दी है।

वैसे तो पीएम मोदी के बारे में ऐसी कई बातें हैं जो बताने चलें तो दिन खत्म हो जाएगा लेकिन बातें नही। आप सभी ने देखा होगा जब से पीएम मोदी सत्ता में आए हैं तब से उन्होने कई सारे ऐसे फैसले लिए जो हमारे देश व यहां की जनता के हित के लिए हैं। हालांकि पीएम मोदी फैसलों के अलावा अपने लूक व व्यवहार के लिए भी कई दफा चर्चा में आए हैं, उनके लूक हाव भाव ने हर किसी को आकर्षित किया।

हाल की बात करें तो देश व दुनिया कोरोना वायरस जैसी गंभीर संक्रमण से जूझ रही है, ऐसे में भी पीएम मोदी ने बाकि देशों की अपेक्षा इस स्थिति को काफी अच्छे से संभाला। यही कारण है कि हर तरफ इनकी तारीफ हो रही है। वैसे इस दयनीय स्थिति में भी पीएम मोदी ने उच्च, मध्यम व निम्न वर्गों का अच्छा ख्याल रखा। अभी हाल ही में लॉकडाउन से प्रभावित लोगों और छोटे-मंझोले उद्यमों के लिए मंगलवार को 20 लाख करोड़ के एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की।

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आत्मनिर्भर भारत : आत्मनिर्भरता का पढ़ाया पाठ

यही नहीं इसके अलावा कोरोना वायरस के दौरान पीएम मोदी ने हम भारतीयों को एक नई सीख भी दे दी और वो है ‘आत्मनिर्भर भारत’। जी हां राष्ट्र के नाम संबोधन के दौरान जब उन्होने कहा कि अब वक्त आ गया है जब देश को आत्मनिर्भर बनना होगा और इसके लिए हर वर्ग को अपनी भूमिका निभानी होगी। इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए स्थानीयता पर जोर देना होगा यानी लोकल को वोकल होना पड़ेगा। ऐसा सुनते ही भारतीयों के अंदर कुछ नया करने का जोश जाग गया। इतना ही नहीं बातों बातों में उन्होंने ये भी बता दिया कि आत्मनिर्भरता का अभियान पांच स्तंभों पर टिका होगा- अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचा, प्रणाली, जीवंत लोकतंत्र और मांग।

आत्मनिर्भरभारत के पीछे पीएम मोदी का लक्ष्य

वैसे आत्मनिर्भरता का पाठ पढ़ाने के साथ ही साथ उन्होने यह भी साफ किया की आत्मनिर्भरता का मतलब ये कतई नहीं है कि हमे दुनिया से रिश्ता तोड़ लेना है बल्कि इसके जरिए हम अपने देश को आत्मनिर्भरता की दिशा में ले जाने की कोशिश करेंगे।

कोरोना के इस काल में सभी देश अपनी आर्थिक स्थिति को लेकर चिंतित हैं भारत की भी स्थिति कुछ बहुत अच्छी नहीं है जिसका हल निकालने के लिए पीएम मोदी ने ये रास्ता अपनाया। इससे कई फायदे होंगे। एक तो इसके जरिए हम अपने अंदर के हुनर को पहचानेंगे वहीं और भी ज्यादा ताकतवर बनेंगे। देखा जाए तो शुरूआत से ही हमारे देश में ग्रामीण कुटीर और लघु उद्योग हमारी ताकत बने हुए हैं। केवल एमएसएमई की मदद से ही आत्मनिर्भरता हासिल की जा सकती है।

इतना ही नहीं आत्मनिर्भर भारत के तहत वोकल फॉर लोकल अभियान से मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को एक नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। यह उनकी सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है लेकिन इसे अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई। संभव है कि अब यह परवान चढ़े। उद्योग जगत ने पीएम की घोषणाओं का स्वागत किया है। उम्मीद करें कि इससे हर वर्ग को लाभ मिलेगा।

आत्मनिर्भर-भारत से सामने आया देश में छिपा टैलेंट

जैसा कि आपको भी पता होगा कि आत्मनिर्भर भारत की शुरूआत होने के बाद हाल ही में चीनी ऐप्स को भारत सरकार द्वारा बैन किए जाने का फैसला लिया गया जिसके बाद तकनीकी दुनिया में भूचाल सा आ गया। दरअसल हर कोई उन चीनी ऐप्स का आदि हो चुका था लेकिन इसके विकल्प में जो बिल्कुल उनकी तरह ही काम करने वाले भारतीय ऐप थें उन्हें कोई नहीं पूछता था जिसकी वजह से भारत में बने ऐप्स की मार्केटिंग कम थी लेकिन चीनी ऐप्स के बंद हो जाने से और सरकार की पहल आत्मनिर्भर ऐप से भारतीय ऐप को उनका असली हक मिला।

इसी दौरान हम अपने देश में बने कई ऐप से रूबरू हुए जो बड़े ही काम के हुआ करते थें लेकिन हमने कभी इनपर ध्यान नहीं दिया जिनमें से एक है Spark.Live। यह भी एक भारतीय ऐप है जिसमें कई सारी खासियत हैं जो इसे विजेता बनाने के लिए बेहद है। दरअसल इस लॉकडाउन की घड़ी में ये ऐप आम जनता के लिए बेहद ही उपयोगी साबित हो रहा है, इस ऐप के जरिए आप किसी भी क्षेत्र के विशेषज्ञों से परामर्श ले सकते हैं वो भी घर बैठे। खास बात तो यह है कि इसपर मौजूद विशेषज्ञ अनुभवी होने के साथ ही साथ देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी सेवा दे चुके हैं।

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 Spark.live बहुभाषी भारतीय ऐप है, भारतीय भाषाओं में भारत का माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म है। Spark.live को मार्च 2019 में लॉन्च किया गया था और अब यह 4 भारतीय भाषाओं हिंदी, कन्नड़, तमिल और अंग्रेजी में उपलब्ध है। Spark.live एक परामर्श प्लेटफॉर्म है जो भारतीयों को अपनी मातृभाषा में समस्याओं का समाधान देने के लिए उपलब्ध है।

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