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कीटो डाइट: जानें इसके फायदे व नुकसान दोनों ही| Keto Diet: Know its advantages and disadvantages

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कीटो डाइट

इस आधुनिक युग में हर कोई अच्छा दिखना जाता है, अच्छा व फिट दिखने की होड़ में लोग आए दिन कई तरह के एक्सपेरिमेंट करते हैं जैसे व्यायाम, योग, डाइट और भी काफी कुछ। लेकिन इस बीच एक चीज और जुड़ गया और वो है कीटो डाइट। इसके बारे में आपने भी कभी कभार जरूर सुना होगा, खासकर इस डाइट को शुरू में कई बॉलीवुड सितारों ने फॉलो किया जिससे उन्हे बेहद लाभ हुआ जैसे सारा अली खान, सोनाक्षी सिन्हा और अर्जुन कपूर पहले काफी मोटो बहुत मोटे हुआ करते थे लेकिन अब वो वर्कआउट के साथ इस डाइट को फॉलो करने से बिल्कुल चेंज हो गए, ये उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं था। हालांकि ये कीटो डाइट के जरिए ही संभव हो पाया। तो आइये जानते तुरंत असर करने वाला ये कीटो डाइट कितना लाभकारी है व कितना नुकसानदेह ?

कीटो डाइट के फायदे | Benefits of Kito Diet

वजन घटाने में

कीटो डाइट लेने की वजह से शरीर में मौजूद फैट को उर्जा के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही ये भी बता दें कि वजन कम करने में भी यह बेहद फायदेमंद साबित होता है, इस डाइट के लेने से हमारे शरीर का फैट बर्न होने लगता है, जिससे शरीर में इंसुलिन का स्तर बहुत कम हो जाता है।

यह भी पढ़ें : कीटोजेनिक आहार: आपके स्वास्थ्य के लिए कितना फायदेमंद है कीटो डाइट?

ब्लड सुगर को कंट्रोल

अगर आप किटो डाइट फॉलो करेंगे तो इसमें मौजूद जिस तरह के फूड्स खाए जाते हैं उसमें ब्लड सुगर का स्तर कम हो जाता है। सर्वे की मानें तो कम-कैलोरी वाले डाइट की तुलना में डायबिटीज से बचाने में कीटोजेनिक डाइट अधिक प्रभावी है। वहीं ये भी बता दें कि अगर आप डायबिटीज के शुरूआती चरण में हैं तो आपको गंभीरता से केटोजेनिक आहार को अपनाना चाहिए। ऐसे कितने ही पाठक हैं, जिन लोगों नें कीटो डाइट के माध्यम से रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित किया है।

मानसिक एकाग्रता में बढ़ोत्तरी

कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनकी मानसिक एकाग्रता सही नहीं होती है, लेकिन कीटो डाइट को फॉलो करते समय मानसिक प्रदर्शन पहले से बेहतर हो जाता है। कीटो डाइट के सेवन से मस्तिष्क के उर्जा का एक बड़ा स्त्रोत है। जब आप कार्बोहाइड्रेट कम मात्रा में लेते हैं, तो ब्लड शुगर में बड़े कीलों से बच जाते हैं। ये दोनों मिल कर आपके दिमाग़ की फोकस और एकग्रता को बढ़ाते हैं। सर्वे के अनुसार फैटी एसिड अधिक मात्रा में लेने से हमारा मस्तिष्क अधिक सक्रिय हो जाता है।

भूख पर कंट्रोल

कीटो डाइट को फॉलोव करने से हमारे शरीर को उर्जा का एक बेहतर स्त्रोत मिलता है, जिसकी वजह से आप दिन में अधिक उर्जावान महसूस करते है। यही नहीं इसके साथ ही उर्जा के रूप में, फैट का अधिक से अधिक इस्तेमाल होता है।

मिर्गी के इलाज में फायदेमंद

कह जाता है कि साल 1900 से मिर्गी के इलाज में ही कीटो डाइट का सफलता पूर्वक इस्तेमाल किया जा रहा है और आज भी मिर्गी से बहुत अधिक पीड़ित बच्चों को, इसके उपचार के लिए इस डाइट को दिया जाता है। इसका सबसे बड़ा लाभ ये है कि इसमें बहुत कम खर्च होता है और मिर्गी को नियंत्रित करने में बहुत असरदार है।

कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल

कीटो डाइट, ट्राइग्लिसराइड और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है, जो धमनियों के लिए फ़ायदेमंद होते हैं। कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम और हाई-फैट डाइट, ख़राब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में और अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाने में अधिक मदद करता है, लो-फैट डाइट की तुलना में।

इंसुलिन को करता है नियंत्रित

इंसुलिन प्रतिरोध की वजह से टाइप-2 डायबिटीज हो सकता है, यदि इसको सही तरीक़े से नियंत्रित न किया जाये तो। ऐसे कई शोध हैं, जो बताते हैं कि कम कर्बोहाड्रेट और कीटोजनिक डाइट इंसुलिन के स्तर को कम करने में और इसके स्तर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं।

मुंहासों से छुटकारा

कीटो डाइट लेने से आपकी स्किन काफी अच्छी हो जाएगी, सर्वे की मानें तो कम कार्बोहाइड्रेट वाले डाइट के दौरान घाव और त्वचा के सूजन में सुधार पाया गया। वहीं दूसरे तरफ एक अध्ययन में, अधिक कार्बोहाइड्रेट वाले डाइट से मुंहासों में बढ़ोतरी देखा गया।

यह भी पढ़ें : National Nutrition Week: कीटो डायट के दौरान अधिकतर लोग कर देते हैं ये बड़ी गलतियां| Most people commit these mistakes during Keto Diet

कीटो डाइट के नुकसान| Side effects of keto Diet

अब तक तो आपने जाना कीटो डाइट के फायदे के बारे में जिसके बारे में लगभग कई सारे लोग जानते हैं, लेकिन अब बात करते हैं इससे होने वाले नुकसान की।

शरीर में ऐंठन

काफी कम लोगों को ये बात पता होगा लेकिन बता दें कि कीटो डाइट लेने से शरीर में ऐंठन और ख़ासकर पैरों में ऐंठन जैसी समस्याएं उत्पन्न होने लगती है। सामान्यत ये सुबह और शाम के समय होता है। वैसे इससे ज्यादा घबराने की आवश्यकता नहीं है ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ये इस बात का संकेत देता है कि आपके शरीर में मैग्नीशियम की कमी है जिसकी वजह से ये समस्या हो रही। आप अपने आहार में अधिक से अधिक तरल खाद्य पदार्थ और नमक शामिल करें। इससे आपके शरीर में मैग्नीशियम की कमी पूरी हो जाएगी और ऐंठन की समस्या से राहत मिल जाएगी।

कब्ज की होती है समस्या

कीटो डाइट फॉलो करने के दौरान लोग पानी कम पीते हैं जिसकी वजह से उन्हें कब्ज की समस्या उत्पन्न होती है, इसलिए इसका सबसे सरल समाधान है अधिक से अधिक पानी पिएं। साथ ही फाइबर और बिना स्टार्च वाली सब्जियों के सेवन से भी कब्ज़ से राहत मिलती है। यदि इन सब से भी राहत नहीं मिले, तो ईसबगोल की भूसी या प्रोबायोटिक भी ले सकते हैं।

घबराहट महसूस होना

जब भी आप कीटो डाइट को फॉलो करते हैं तो आप महसूस करेंगे कि आपके दिल की धड़कन पहले की उपेक्षा तेज़ हो जाती है और सांस लेने में भी परेशानी हो सकती है। यह एक सामान्य बात है इसलिए चिंता न करें। वहीं इसे सामान्य स्थिति में लाने के लिए अधिक से अधिक पानी पिएं और नमक खाएं। आमतौर पर इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए ये पर्याप्त है। इसके अलावा आप दिन में एक बार पोटैशियम सप्लिमेंट भी ले सकते हैं।

शरीरिक क्षमता कम होना

जब आप कीटो डाइट लेना शूरू करते हैं, तो हो सकता है कि आपके शारीरिक क्षमता में कमी आए। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपका शरीर फैट को उर्जा के रूप में इस्तेमाल करता है इसलिए परेशान होने की ज़रूरत नहीं है, कुछ ही दिनों में आपकी शारीरिक क्षमता पहले जैसी हो जाएगी।

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संदर्भ लेख : Keto Diet के दौरान की ये गलतियां तो नहीं होगा वजन कम

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