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क्या आप धूम्रपान करते हैं? फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए अपनाए सरल घरेलू उपचार

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 दुनियाभर में कोरोना वायरस को लेकर लोग काफी डरे हुए हैं। कोविड -19 नाम से मशहूर हुए इस वायरस से निजात पाने के लिए शोधकर्ता वैक्सीन, ड्रग बनाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक डॉक्टर टेड्रोस एडनॉम घिबेयुस आधिकारिक तौर पर यह घोषणा कर चुके हैं कि उन लोगों को कोरोनावायरस से संक्रमण होने का ख़तरा ज़्यादा है जिनके फेफड़े यानी लॅंग्स और प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हैं. इसलिए ऐसा कहा जा रहा है कि धूम्रपान करने वालें लोगों को कोरोना वायरस का ख़तरा ज़्यादा है. 

 कोरोनावायरस के संक्रमण से बचने के लिए स्वच्छता के साथ-साथ हमें अपने फेफड़ों का भी ख़ास देखभाल करने की आवश्यकता है.  लाइफस्टाइल कोच और न्यूट्रिशनिस्ट ल्यूक कॉउटिन्हो ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया हैजिसमें उन्होने फेफड़ों को स्वस्थ रखने कुछ सुझाव दिए हैं.  ल्यूक कहते है कि, 

“हमारे शरीर में श्लेष्म ( एक्सोक्राइन ग्रंथियों से निकालने वाला सफेद चिपचिपा द्रव जिसे लार या बलगाम भी कहते हैं ) मौजूद होता है, यह आपकी  इम्यून सिस्टम का एक रक्षा तंत्र है। उदाहरण के लिए, अगर मैं साँस लेते वक़्त कुछ कीटाणुओं को अंदर ले लेता हूँ … तो मेरे फेफड़ों में मौजूद श्लेष्मा (लार, बलगाम) में चिपक जाते हैं, इन्हे अपने शरीर के अन्य सिस्टम में जाने से रोकते हैं और फिर इसे अपने शरीर से बाहर भी निकाल देते हैं. मैं या तो इसे छींक सकता हूं, मेरी नाक बह सकती है या खांसी भी हो सकती है.”

लेकिन समस्या तब होती है जब आपके फेफड़ों में बहुत अधिक श्लेष्मा या बलगाम बनाना शुरू हो जाता है. जिन रोगियों को अस्थमा, निमोनिया, ब्रोंकाइटिस, सीओपीडी, लोग जिनके एसिड रिफ्लक्स बहुत होते हैं, उनके फेफड़ों में स्वाभाविक तौर पर अधिक श्लेष्म रहते हैं.

ल्यूक कॉउटिन्हो बताते हैं कि आपके फेफड़े स्वस्थ और मजबूत रहें इसलिए यह ज़रूरी है कि श्लेष्म आपके शरीर से तेज़ी से टूटकर बाहर निकल जाए.अतिरिक्त श्लेष्म आपके शरीर में संभावित वायरल और बैक्टीरिया को और अधिक पैदा करना शुरू कर देता है.

लाइफस्टाइल कोच और न्यूट्रिशनिस्ट ल्यूक कॉउटिन्हो कमजोर फेफड़ों को मजबूत बनाने के लिए कुछ आवश्यक सुझाव भी देते हैं:-

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मेथी के दाने: यह श्लेष्म को तोड़ने और शरीर से बाहर निकालने में मदद करता हैं. मेथी या मेथी के दाने का एक बड़ा चमचा लें, इसे पानी में लगभग चार-पांच मिनट तक उबालें और छान कर ठंडा कर लें. आप इसे दिन में एक से दो कप सेवन कर सकते हैं.

प्राणायाम: प्राणायाम या गहरी साँस लेना भी श्लेष्म को तोड़ने में फायदेमंद है.

खारे पानी से गरारा करना : इसे गर्म पानी में सेंधा नमक या गुलाबी नमक मिला कर किया जा सकता है.

भाँप लेना या डीप स्टीम इनहेलेशन: यदि आपके पास घर में इनहेलर नहीं है, तो अपने सामने उबलते पानी का एक बर्तन रखें, अपने सिर पर एक तौलिया रखें और धीरे-धीरे बर्तन से भाप लें. 

इन सरल तरीकों को अपना कर आप फेफड़ों के संक्रमण होने के ख़तरे को कम कर सकते हैं.

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