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विदेश में पढ़ाई का देख रहे हैं सपना तो पास करने होंगे आपको ये एग्जाम

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विदेश

जो छात्र अपने करियर को लेकर चिंतित रहते हैं व भविष्य में काफी आगे जाना चाहते हैं वो हमेशा ही अपनी पढ़ाई व डिग्री को लेकर पहले से ही सोचकर रखते हैं। कई छात्र अपनी पढाई पूरी करने के लिए विदेश जाने का सपना भी देखते हैं, पर कुछ ऐसे भी हैं जो जानकारी के अभाव में अपना ये सपना पूरा नहीं करते हैं। इसलिए बेहतर है कि जीवन के किसी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए चाहे वो विदेश जाना ही क्यों न हो आप किसी काउंसलर या विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं ताकि आपको सही समय पर सही मार्गदर्शन मिल सके। आज का समय बदल चुका है अब आपको हर सुविधा ऑनलाइन मिल रही है खासकर कोरोना काल ने तो ऑनलाइन सेवाओं की महत्तवता को बढा दिया है।

आज हम बात करेंगे विशेषतौर पर विदेश में पढ़ाई करने के सपने देखने वाले छात्रों की। आंकड़ों की मानें तो हर साल की तरह भारत में से तीन लाख छात्र पढ़ने के लिए विभिन्न देशों को रुख करते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ने और खुलापन आने से कई देश अपने यहां विदेशों छात्रों के लिए बेहतर मौके देने के लिए तैयार बैठे हैं। ये बात भी सच है कि विदेशों के ज्यादातर शिक्षण संस्थानों में पढ़ने के लिए कुछ अकादमिक योग्यताएं होना अनिवार्य है।

विदेश में पढ़ने के लिए होनी चाहिए ये योग्यताएं

अगर आप दूसरे देश में पढ़ाई करने के लिए जाना चाहते हैं तो आपके लिए यह जानना जरूरी है कि आपके अंदर इन योग्यताओं का होना जरूरी है। सबसे पहते तो ये जान लें कि आपको अपना ये सपना पूरा करने के लिए कुछ स्टैंडर्डाइज्ड टेस्ट और लैंग्वेज टेस्ट पास करना बेहद आवश्यक होता है। इन परीक्षाओं में आपका स्कोर विदेश शिक्षण संस्थानों में एडमिशन के मौके को बढ़ता है।

ये टेस्ट आपको स्कॉलरशिप और फेलोशिप के रूप में आर्थिक सहायता पाने की राह को भी आसान करते हैं। इसके लिए आपको GMAT, GRE, SAT, TOEFL, TWE, TSE एग्जाम्स के बारे में जानकारी होनी चाहिए। अलग-अलग फील्ड और इंग्लिश की परख के लिए ये टेस्ट लिए जाते हैं। अधिकतर देशों के इंस्टीट्यूट्स और यूनिवर्सिटीज ने इन टेस्टों को अनिवार्य किया हुआ है।

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विदेश में पढ़ाई के लिए पास करने होंगे ये टेस्ट

जीएमएटी (GMAT): ये एग्जाम स्टूडेंट के मैथमैटिक्ल और एनालिटिकल स्किल्स जानने के लिए लिया जाता है। दुनिया भर के करीब 900 मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट्स इस एग्जाम में अच्छा स्कोर मांगते हैं।

टीओईएफएल (TOEFL): अगर अमेरिका में पढ़ाई की सोच रहे हैं तो यह एग्जाम तकरीबन सभी प्रोग्राम्स के लिए जरूरी है। इससे स्टूडेंट की इंगलिश का टेस्ट लिया जाता है। यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया समेत यह दुनिया के 130 देशों में पढ़ाई के लिए जरूरी है।

आईईएलटीएस (IELTS): ये टेस्ट इंगलिश लैंग्वेज प्रोफेंशिएंसी टेस्ट है। अगर आप यूके, कनाडा,ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड में पढ़ाई की सोच रहे हैं तो ये टेस्ट पास करना जरूरी है। कई देशों में तो IELTS के बिना वीजा की सुविधा ही नहीं मिलती। ये टेस्ट 140 देशों में अनिवार्य है।

टीएसई (TSE): इस टेस्ट से उन स्टूडेंट को गुजरना पड़ता है जिन्हें आर्थिक मदद की जरूरत होती है। इसके अलावा जो लोग यूएस में टीचिंग असिस्टेंटशिप के लिए जाना चाहते हैं उन्हें ये एग्जाम देना होता है।

जीआरई (GRE): ये एग्जाम आर्ट, साइंस और इंजीनियरिंग के स्टूडेंट्स रिसर्च के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए देते हैं। इससे स्टूडेंट के मैथमैटिक्ल और एनालिटिकल स्किल्स का टेस्ट होता है।

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