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COVID-19 से कैसे करें बचाव व उपचार (COVID-19 Prevention and Treatment)

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COVID-19

वर्तमान समय में COVID-19 यानि की कोरोना वायरस अपना विकराल रूप ले चुका है, ऐसे में हर कोई डर के साए में जी रहा है। हर रोज बस यही मन में आता है कि कहीं आज वो इस वायरस का शिकार न हो जाए। वैसे देखा जाए तो इस मौसम में सामान्यत वायरल इंफेक्शन होते ही रहते हैं इस दौरान यह पहचान पाना असंभव है कि ये लक्षण सामान्य फ्लू के हैं या फिर कोरोना वायरस के। हालांकि आज इस लेख के जरिए बताएंगे कि आखिर COVID-19 कोरोना वायरस से कैसे बचा जा सकता है ? व इसका उपचार हम कैसे कर सकते हैं ?

कैसे फैल रहा है कोरोना | How is COVID-19 spreading?

कोरोना से बचने के लिए यह जानना जरूरी है कि आखिर यह क्या है और कैसे फैलता है ? इंटरनेट पर इससे जुड़ी अबतक आपको तमाम जानकारियां मिली होंगी। वहीं डब्ल्यूएचओ भी इसके लिए कई सारी चेतावनियां जारी कर चुका हैं। यही नहीं डब्ल्यूएचओ ने तो चीन में स्वास्थ्य आपातकाल तक घोष‍ित कर दिया है, सामान्य रूप से इसे ऐसे समझ सकते हैं कि ये बीमारी ज्यादा क्राउडेड एरिया में फैल सकती है। जैसे जहां पर ज्यादा लोग इकठ्ठा हैं। डब्ल्यूएचओ की मानें तो कोरोना वायरस सांस या छूने से या फिर छींकने, खांसने से भी फैल सकता है।

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कोरोना से कैसे करें खुद का बचाव? | Prevention to COVID-19

सबसे पहले तो अगर किसी को अचानक से खांसी की समस्या शुरू हो जाए तो बेहतर यही होगा कि आप उनसे उचित दूरी बना के रखें। उनसे कहें कि वह खांसी करते वक्त अपने मुंह को किसी कपड़े से ढक कर रखें या फिर मास्क लगा लें, कम से कम N95 या N99 क्योंकि इस खतरनाक बीमारी को नॉर्मल मास्क कवर नहीं कर सकता है।

यह जरूरी नहीं है कि अगर कोई व्यक्ति आपके सामने छींके व खांसे तभी आपको कोरोना वायरस (COVID-19) का असर हो सकता है बल्कि ऐसा भी होता है कि अगर कोई व्यक्ति खांसते वक्त मुंह पर हाथ लगाता है और वहीं हाथ आपसे मिलाता है तो भी यह फैल सकता है ऐसा में खाना खाने से पहले हाथों को अच्छे से धोना फायदेमंद होगा। इसलिए डब्ल्यूएचओ ने भी बार बार हाथ धोने की सलाह दी है।

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अगर आपमें फ्लू के लक्षण जैसे बुखार, खांसी और शरीर में दर्द है तो डॉक्टर से संपर्क करें। घर में हैं तो बाकी सदस्यों से खुद को अलग रखें। चेकअप कराएं।

ध्यान रहे कि अगर आपके आसपास कोई बीमार है या उसमें कोरोना के लक्षण है तो उससे दूरी बनाकर रहें। लोगों के संपर्क में आने से बचें। कोरोना घबराएं नहीं बल्कि किसी परेशान पर सरकार के टोल फ्री नंबर या अपने नजदीक के डॉक्टर से संपर्क करें।

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कैसे करें उपचार? | Treatment of COVID-19

कोरोना वायरस का खतरा अभी कम नहीं हुआ है बल्कि ये वायरस लगातार काफी तेजी से भारत में अपना पैर पसार रहा है। ऐसे में लोगों को अगर इसके लक्षण नजर भी आ रहे हैं तो वो काफी ज्यादा परेशान हो जा रहे हैं वहीं बात करें अस्पतालों की तो अब डॉक्टर्स भी कोरोना मरीजों को अस्पताल में एडमिट करने से कतराने लगे हैं क्योंकि बेड की संख्या कम है और मरीज ज्यादा। ऐसे में डॉक्टर्स सलाह दे रहे हैं कि अगर कोरोना के थोड़े बहुत लक्षण नजर आ रहे हैं तो आप घर रहकर भी अपना उपचार कर सकते हैं।

इस वायरस से बचने के लिए डॉक्टरों के द्वारा तरह-तरह की इलाज प्रक्रिया के बारे में भी बताया जा रहा है जो प्रभावी रूप से मददगार भी साबित हो रहे हैं। कुछ लोग ऐसे भी हैं जो कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद भी घर इलाज करके ही इस वायरस के संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं। इस सलाह को 14 दिनों तक घर में रहकर फॉलो करना है।

इम्यूनिटी करें स्ट्रॉन्ग | Boost your Immunity

डॉक्टरों द्वारा दिए गए सलाह में मुख्य रूप से इम्यूनिटी मजबूत करना सबसे जरूरी है तभी आप कोरोना वायरस से लड़ पाएंगे।

इसके लिए आपको हर रोज लगभग एक लीटर पानी में तुलसी के पत्ते को अच्छी तरह उबाल लें। तुलसी के पत्तों को तब तक उबालें, जब तक एक लीटर पानी, एक चौथाई न हो जाए। अब एक चौथाई पानी के बचे होने पर 4-6 दाने काली मिर्च, थोड़ा सा गुड़ और एक चम्मच नींबू रस डालकर इसे तैयार किया जा सकता है। इसका सेवन आप हर्बल चाय के रूप में कर सकते हैं, बुखार के लक्षणों की शुरुआत में केवल कुछ दिनों के लिए इसका सेवन कर सकते हैं। आयुर्वेदिक विशेषज्ञों का कहना है कि निरंतर सेवन किया जाना ठीक नहीं है। इसलिए 5 से 6 दिन के बाद इसका एक बार सेवन जरूर कर सकते हैं।

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हालांकि कोरोना वायरस के लिए विशेष रूप से स्वीकृत कोई दवा नहीं है। कोरोना वायरस के कम प्रभाव वाले अधिकांश बीमार लोग बहुत सारे तरल पदार्थ पीने, आराम करने और दर्द और बुखार की दवाएं लेने से अपने आप ठीक हो जाएंगे। हालांकि, कुछ मामलों में निमोनिया हो जाता है और उसके लिए चिकित्सा देखभाल या अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है।

क्या है हर्ड इम्यूनिटी? | What is Herd immunity

इस कोरोना काल में एक नया शब्द चर्चे में आ गया है और वो है ‘हर्ड इम्‍यूनि‍टी’ तो आइए जानते हैं कि आखिर ये कौन सी बला है? हर्ड इम्युनिटी का शाब्दिक अर्थ है सामुहिक रोग प्रति‍रोधक क्षमता। जैसा कि हमने ऊपर भी बताया कि कोरोना से बचने के लिए सबसे जरूरी है ‘इम्युनिटी’ को मजबूत करना। लेकिन इस बीच ये ‘हर्ड इम्युनिटी’ के बारे में बातें हो रही जिसका मतलब है कि हर्ड इम्युनिटी एक प्रक्रिया है। इसमें लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाती है। वह चाहे वायरस के संपर्क में आने से हो या फिर वैक्सीन से।

अगर कुल जनसंख्या के 75 प्रतिशत लोगों में यह प्रतिरक्षक क्षमता विकसित हो जाती है तो हर्ड इम्युनिटी माना जाता है। फिर चार में से तीन लोग संक्रमित शख्स से मिलेंगे तो उन्हें न ये बीमारी लगेगी और न वे इसे फैलाएंगे। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि इससे वायरस के संक्रमण की जो चेन बनी हुई है वो टूट जाएगी यानी कि इससे वो लोग भी बच सकते हैं जि‍नकी इम्युनिटी कमजोर है।

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