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कोविड-19 के दौरान भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल करने के 10 तरीके

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विश्व इस समय कोविड-19 महामारी के प्रकोप से तनावपूर्ण स्थितियों से होकर गुजर रहा है. इस अनिश्चित प्रकोप काल में हम आशा कर सकते हैं कि चीजें अंततः बेहतर हो जाएंगी, और एक बार फिर सामान्य जीवन लौटेगा. इस आशा के साथ यह चर्चा भी शुरू हो गयी है कि क्या कोरोना महामारी का दंश झेलने केदौरान या बाद में इंसान के मन पर जो गहरा आघात पहुंच रहा है या पहुंचेगा उसे किस तरह निपटा जा सकता है.

कई रिसर्च से यह बात निकल कर आई है कि भविष्य में भी कोरोना महामारी का मानसिक स्वास्थ्य पर बड़ा और विपरीत प्रभाव पड़ सकता है. तो आइए इस लेख से जानते हैं कि कैसे हम कोविड-19 के दौरान अपने भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल निम्नलिखित 10 कदम उठाकर बेहतर सकते हैं:

1. प्रतिदिन व्यायाम और शारीरिक गतिविधियाँ को दिनचर्या में करिए शामिल

यह कहना ग़लत नही होगा कि प्रकृति निरंतर हमारी शारीरिक और मानसिक परीक्षा लेती रहती है. इसलिए यह बेहद ज़रूरी है कि हम शारीरिक और मानसिक तौर पर मजबूत रहें. दिनचर्या में व्यायाम को शामिल करना आज के माहौल में बेहतर अनुभव हो सकता है. आप हमारे नेटवर्क से जुड़े विभिन्न योग गुरु और फिटनेस ट्रेनर की भी मदद ले सकते हैं. शुरुआत में यह थोडा थकाऊ और पसीने भरा अनुभव हो सकता है लेकिन यकीन मानिए रोजाना ३० मिनट आपका जीवन बदल देगा.

2. परिवार और मित्रों से जुड़ने के लिए टेक्नोलॉजी को बनाइए दोस्त.

पिछले दशकों की तुलना में अब लोगों के संपर्क में रहना आसान है. बस अपना फ़ोन उठाइए और किसी ऐसे अज़ीज या दोस्त से जुड़ जाइए जिससे आपने कुछ समय से बात नहीं की है.फिर चाहें वीडियो कॉल के ज़रिए एक साथ कई लोगों से जुड़ कर पुरानी यादें ताज़ा करना हो या फिर किसी लज़ीज़ खाने की रेसीपी जानना. टेक्नोलॉजी आपका अच्छा दोस्त बन सकता है. वैसे एक नज़र अपने मोबाइल फोनबुक पर भी डालिए आपको ढेरों ऐसे नंबर मिल जाएँगे जिसके बारे में ठीक ठीक बता पाना आपके लिए मुश्किल होगा. बस फिर क्या उन्हे कॉल करिए और उनका हाल जानिए. यह निश्चित ही एक उम्दा अनुभव होगा.

3. परिवार के साथ बिताइए आदर्श समय

ऐसे समय में जब आप एक लंबे समय तक घर में रहने वाले हैं तो निश्चित ही यह समय परिवार के साथ मिलकर कुछ अनमोल यादें रचने का है. आप अपने परिवार के साथ एक आदर्श समय बिता सकते हैं. फिर चाहें वो अंताक्षरी के दौरान पापा का मोहम्मद रफ़ी का कोई गाना गुनगुनाना हो या मम्मी का मीना कुमारी की अदा में नखरे दिखना. इन बेहतरीन यादों को आप निश्चित ही ज़िंदगी भर नही भूलना चाहेंगे.

4. ध्यान से लगाइए चिंताओं को विराम

रोज दिन में एक बार ध्यान के लिए समय दें. आप रोज १० मिनिट फोन, टीवी और अन्य आभाषी दुनिया से अपना संपर्क तोड़ दीजिए. शांत मुद्रा में बैठ जाइए या लेट जाइए. खुद को ढीला छोड़ दीजिए, बस श्वास भीतर लें, फिर श्वास बाहर छोड़े, सांस अंदर फिर सांस बाहर, आवश्यकतानुसार कई बार दोहरायें. ऐसे नियमित अभ्यास से आप अपने विचारों को केन्द्रित कर पाएँगे.

5. न्‍यूज चैनल और समाचार को लेकर विचारशील बने.

न्‍यूज चैनल हमारे जीवन को हद तक प्रभावित कर सकते हैं. आजकल जब नकारात्मक खबरों की भरमार है ऐसे में संवेदनशील बने और किसी भी खबर को लेकर उसके तथ्य या सच्चाई तक पहुचने का प्रयत्न करें.न्‍यूज चैनल को सिर्फ़ जानकारी जुटाने का माध्यम बनायें. खबरों के साथ बह जाना और जानकारी के बीच एक संतुलन रखें. न्‍यूज चैनल देखने का एक समय निर्धारित करें. वैसे भी एक खबर को पूरे दिन में अलग अलग मसाला के साथ परोसा जाता है इसलिए बेहतर होगा कि आप इस समय का सदुपयोग करके कोई ऐतिहासिक उपन्यास या अपनी पसंद की कोई किताब पढ़ें. वैसे भी कहा गया है कि किताब से बढ़कर आपको कोई सच्चा साथी नही मिल सकता.

6. एक स्पष्ट दिनचर्या निर्धारित करें

यह सुनने में थोडा उबाऊ ज़रूर लग सकता है कि एक ही समय पर जागना, सोना, खाना, काम करना आदि लेकिन अपनी दिनचर्या को स्पष्ट बनाए रखने से किसी भी परिस्थिति को नियंत्रित रखने और निपटने में मदद मिल सकती है. फिर चाहें वो बच्चों के साथ समय बिताना हो या फिर उन्हे कुछ नया हुनर सीखना. अपने जीवन साथी के साथ काम में हाथ बटाना हो या फिर अपने पालतू जानवर की देखभाल करना. एक स्पष्ट दिनचर्या आपकी काफ़ी मदद कर सकती है.

7. जीवनशैली से संबंधित या कोई अध्यात्मिक किताब पढ़िए

यदि आपके पास अपने शेल्फ में कोई किताब है, तो इसे उठाएं और पढ़ना शुरू कर दीजिए. फिर चाहें वो कोई पुरानी रीडर डाइजेस्ट हो या गृहलक्ष्मी. इससे आप अपनी जीवनशैली में बहुत कुछ बदलाव कर सकते हैं. यकीन मानिए यह एक अच्छा समय है जब आप कोई इनसे नया व्यंजन बनाना सीख सकते हैं या फिर घर में कैसे पर्दे हो, या फिर कोई वास्तु संबंधी चीज़ सीख सकते हैं. आपके मंदिर घर में रखी रामायण या गीता आपके आध्यात्म को एक पायदान और आगे ले जा सकते हैं. इसलिए नियमित पढ़ने के लिए कुछ समय निकालें और हमें बताएं कि आप क्या महसूस करते हैं.

8. अपने पसंदीदा शौक और चीज़ो की लिस्ट बनाइए

सच पूछिए तो इंसान की पसंदीदा चीज़ों की लिस्ट अंतहीन होती है. रामायण उन्ही में से एक है जिसके दुबारा प्रसारण होते ही इस धारावाहिक ने लोकप्रियता के नये पैमाने बना दिए. ऐसे ही बहुत सी चीज़े होंगी जिन्हे आप देखना सुनना या सीखना चाहते हैं. तो बस यही सही समय है शुरू हो जाइए. कहते हैं हर इंसान के अंदर एक कलाकार मौजूद रहता है चाहें बात चित्रकारी की हो या फिर संगीत की. अगर आपके घर में भी गिटार या कोई बाँसुरी माजूद है तो आप अपने गुण में ज़रूर इसे जोड़ना पसंद करेंगे.

9. कुछ समय अकेले बिताएं

अकेले कुछ समय बिताने से आपकी भावनाओं को जमीन मिल सकती है जिससे निश्चित ही आपके मस्तिष्क को आराम मिलेगा. हालाँकि इस बात का भी ख्याल रखिए कि आप खुद को बिल्कुल अलग-थलग ना कर लें. पढ़ना, लिखना, योग करना, ड्राइंग करना, खाना बनाना, दौड़ना, झूलना या साफ-सफाई करना आदि आपको रिचार्ज कर सकते है. यह खुद से जुड़ने और जानने का बेहतर तरीका हो सकता है. यकीन मानिए जैसे-जैसे आप खुद को बेहतर तरीके से समझेंगे उतने ही बेहतर तरीके से दूसरों का भी ख्याल रखेंगे.

10.हालात पर काबू पाना सीखिए

इन विपरीत परिस्थिति में जो आपके हाथ में हैं, जिसे आप नियंत्रित कर सकते हैं, उसे नियंत्रित करके रखिए. जैसे स्वच्छता को प्राथमिकता बनाए. अक्सर संपर्क में आने वाली चीज़ों को साफ और कीटाणुरहित रखिए. स्वच्छ हाथों से जीवन बेहतर होता है, इसलिए स्वस्थ रहने के लिए अपने हाथों को अक्सर धोएं. हमेशा इस बात का ख्याल रखिए इस आपदा की स्थिति में क्या बेहतर कर सकते हैं. सामाजिक दूरी का पालन करें लेकिन सकारात्मकता फैलाने की कोशिश करते रहें.

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