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दीपल मेहता से जानें मानसिक स्वास्थ क्यों है इतना जरूरी ? (Dipal Mehta: Why is mental health so important)

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मानसिक स्वास्थ्य

मानसिक स्वास्थ्य किसी भी देश के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन आपको जानकर अफसोस होगा कि वर्तमान समय में 45 करोड़ से भी अधिक लोग मानसिक विकारों से ग्रस्त हैं। डब्लूएचओ की मानें तो साल 2020 तक दुनियाभर में अवसाद दूसरे सबसे बड़े रोगभार का कारण होगा। इसलिए मानसिक स्वास्थ को गंभीरता से लेना बेहद आवश्यक है वरना काफी देर हो जाएगी। Spark.live पर मौजूद मनोचिकित्सक दीपल मेहता अनुभवी परामर्शदाता हैं जो आपको मानसिक समस्याओं से निपटने में मदद करेंगी। हमने इनसे साक्षात्कार लिया जिसमें मानसिक स्वास्थ से जुड़े कुछ सवाल किए जिसका जवाब उन्होने दिया।

एक नजर डालते हैं दीपल मेहता के साथ हुए मानसिक स्वास्थ के साक्षात्कार पर…

प्रश्न : मनोवैज्ञानिक व मनोचिकित्सक में क्या होता है अंतर ?

उत्तर: आमतौर पर लोग इसे एक ही समझ लेते हैं लेकिन ऐसा नहीं है इन दोनों का काम अलग अलग होता है। लोगों को समझ नहीं आ पाता है कि किस समस्या के लिए उन्हें किसके पास जाना चाहिए इसलिए इन दोनों में अंतर को समझना सबसे जरूरी है। मनोवैज्ञानिक आपको काउंसलिंग और थैरेपी देते हैं जबकि मनोचिकित्सक केवल दवा उपलब्ध कराते हैं जो समस्या की जड़ को नहीं छूते।

तनाव, चिंता, अवसाद, व्यवहार संशोधन, समायोजन के मुद्दों जैसे कुछ मुद्दे हैं जिन्हें मनोवैज्ञानिक दूर कर सकते हैं लेकिन वहीं अगर कुछ मानसिक गंभीर विकार होते हैं जैसे सिज़ोफ्रेनिया, व्यामोह, गंभीर घबराहट तो इनके लिए किसी मनोचिकित्सक से दवाईयों व परामर्श की आवश्यकता होती है।

प्रश्न : मनोचिकित्सक से कब करना चाहिए संपर्क ?

उत्तर: अगर आपकी अपनी मानसिक समस्या का पता लगाना है तो आपको एक मनोवैज्ञानिक से मिलना चाहिए और फिर समस्या का पता लगाने के बाद वो कुछ सलाह देते हैं तो फिर मनोचिकित्सक के पास जाना चाहिए।

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प्रश्न : हम अपना सही मेंटल हेल्थ एक्स्पर्ट कैसे चुन सकते हैं ? अर्थात चुनाव करते समय हमें किन-किन बातों पर ध्यान रखना चाहिए?

उत्तर: एक सही मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट के अंदर ये विशेष गुण जरूर होने चाहिए, इसलिए अगर आप किसी सही मेंटल हेल्थ विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहते हैं तो इन बातों का अवश्य ध्यान रखें।

  • उनके अंदर पेसेंट से अच्छा तालमेल बनाने का गुण होना चाहिए।
  • आपकी स्थिति को समझने का गुण उनमें होना चाहिए।
  • अपने पेसेंट के साथ सहानुभूति रखनी चाहिए।
  • क्लाइंट को भरोसा व संतोषजनक वातावरण देना में वो सक्षम होने चाहिए।
  • कुछ मनोवैज्ञानिक कुछ मुद्दों में विशेषज्ञ हैं, इसलिए यह भी पूछने की जरूरत है।

दीपक मेहता से संपर्क करने के लिए यहां क्लिक करें

प्रश्न : कोविड-19 महामारी के दौरान अकेलेपन से जूझ रहे लोगों को आप क्या सलाह देंगी ?

उत्तर: कोरोना के कहर से देशभर में लॉकडाउन लगा हुआ है, ऐसे में ये समय ऐसा है कि लोग बिल्कुल अकेले हो गए है, क्योंकि वो कई दिनों से न ही अपने परिवार से मिल पा रहे हैं जिसकी वजह से वो अकेलेपन जैसी समस्या का शिकार हो गए हैं। अकेलेपन को दूर करने के लिए आप इन कार्यों को कर सकते हैं

  • अपने शौक को पहचानने की कोशिश करें।
  • अपना अच्छा ध्यान खुद रखें।
  • ध्यान लगाने की कोशिश करें।
  • शारीरिक गतिविधियों पर ध्यान दें।
  • सकारात्मक किताबें पढ़ें।
  • अगर खाने के शौकीन हैं तो कुछ अच्छा पकाएं।

प्रश्न : एक अच्छे मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता की कार्यशैली क्या होती है ?

उत्तर: एक अच्छे मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता को अपने पेसेंट के साथ तालमेल बनाने व संतोषजनक महसूस करना सबसे प्रथम कार्य है। वहीं अपने पेसेंट के जीवन के बारे में संबंधित जानकारी पूरा जानना जरूरी है और उनसे पूछें कि क्या उनके पास पूछने या कहने के लिए कुछ है।

प्रश्न : आप अपने सत्र में किस तरह के रोगियों की मदद करती हैं व किन समस्याओं से पीड़ित मरीज ज्यादा आते हैं ?

उत्तर: दीपल मेहता अपने सत्र में इन समस्याओं से संबंधित रोगियों की मदद कर सकते हैं –

  • तनाव
  • चिंता
  • रिलेशनशिप समस्याएं
  • डिप्रेशन
  • समायोजन की समस्याएं
  • कैरियर परामर्श

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प्रश्न : कोरोना के कारण बढ़ रही मानसिक समस्याओं से कैसे छुटकारा पाया जाए ? कुछ उपाय बताएं।

कोरोना के कारण बढ़ रही मानसिक समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए दीपल मेहता ने कुछ उपाय सुझाए हैं-

  • मानसिक समस्याओं के रूप में सकारात्मक होने की कोशिश करो।
  • अपने आसपास के वातावरण को साफ सफाई करें।
  • कोशिश करें की अपने आसपास हाइजीन बनाएं रखें।
  • ध्यान लगाने की कोशिश करें, इससे आत्मा को शांति करने में मदद करता है?
  • कोशिश करें कि आपको क्या पसंद है?
  • कुछ रचनात्मक काम करें?
  • कुछ समय किसी नजदीकियों के साथ बिताएं।

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