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क्या बिना दवाइयों के भी किया जा सकता है जटिल रोगों का इलाज

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Pranic Healing

आज का जमाना तकनीकी रूप से आगे बढ़ गया है। लोग किसी भी क्षेत्र में तकनीक का सहारा लेने लगे हैं, इससे काम आसान तो हो ही गया है इसके अलावा समय का भी बचत होता है। लेकिन इसके बावजूद आज भी कुछ क्षेत्रों में प्राचीन विधियों को ही अपनाया जाता है जैसे अगर हम बात करें चिकित्सा के क्षेत्र की तो, इसमें दो राय नहीं है कि आजकल मशीनों के जरिए और विज्ञान के काफी ज्यादा विकसित होने से कई रोगों की पहचान जल्दी हो जाती है और उन रोगों का इलाज भी संभव हो गया है। इन तकनीक को अपनाकर डॉक्टर मरीजों का इलाज करते हैं जिसकी वजह से मरीजों को भी कम परेशानियों का सामना करता है। मरीजों को जल्द से जल्द ठीक होने के लिए चिकित्सा के क्षेत्र तकनीक का अहम रोल है।

पर क्या आपको पता है कि इन सबसे इतर कई बिमारियां ऐसी होती हैं जिनका इलाज करने के लिए तकनीक नहीं बल्कि प्राचीन प्रणालीयों के द्वारा भी बेहतर तरीके से किया जा सकता है और इसके लिए आपको दवाईयों का भी सहारा नहीं लेना पड़ता है। दरअसल इन प्राचीन पद्धतियों में से एक है प्राणिक हीलिंग प्रक्रिया। इसके बारे में हमारे युवा वर्ग कम ही जानते हैं लेकिन बता दें कि इस प्रक्रिया में बिना दवा के रोग ठीक करने की कला होती है। जाहिर सी बात है इतना सुनते ही आपके मन मस्तिष्क में इस चिकित्सा विधि से जुड़े कई सारे सवाल आ रहे होंगे। आज हम काफी हद तक आपके इन सवालों का जवाब दे पाएंगे।

प्राणिक हीलिंग में छिपा है अनेक रोगों का इलाज

जब हमारा मेडिकल साइंस विकसित नहीं था तब प्राचीन समय में इन प्रक्रियाओं को अपनाकर ही कुछ रोगों का इलाज किया जाता था। प्राणिक हीलिंग प्राचीन विज्ञान व उपचार की एक ऐसी कला है जो सम्पूर्ण शरीर के लिए प्राणशक्ति जैसा होता है इसमें ओजस्वी ऊर्जा का प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा प्राण को बढ़ाने के लिए ही प्राणायाम भी किया जाता है। आप इसे ऐसे समझ सकते हैं कि यह एक वैज्ञानिक विद्या ही है जो कि मुख्यरूप से प्राण ऊर्जा पर आधारित होती है। यानि कि प्राण शरीर और इसमें स्थित चक्रों को देखकर रोग का पता लगाया जाता है। किसी रोग का इलाज करने से पहले उसकी जांच इसी प्रक्रिया के जरिए की जाती है।

खास बात तो यह है कि इस प्रक्रिया का प्रयोग कई प्रकार के रोगों के उपचार के लिए किया जा सकता है। प्राणिक हीलिंग में रैकी, एक्यूप्रेशर, स्पर्श चिकित्सा, मानसिक उपचार, विश्वास उपचार, एक्यूपन्चर, चुम्बक थैरेपी, आदि आते हैं। खास बात तो यह है कि इसमें रोगी को स्पर्श नहीं किया जाता है न ही किसी तरह की दवाई लेने की सलाह दी जाती है। ऐसे में इस विधि के जरिए आप दवाओं के दुष्प्रभाव से भी बचते हैं।

अब आप ये सोच रहे होंगे कि इस विधि के द्वारा किन किन रोगों का इलाज संभव है? तो आपको जानकर यकीन नहीं होगा कि प्राणिक हीलिंग के द्वारा शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक ही नहीं बल्कि सौंन्दर्य रोगों का उपचार संभव है। हालांकि इस प्रक्रिया के बारे में काफी कम लोगों को पता है लेकिन अगर आप इसके बारे में विस्तृत जानकारी चाहते हैं तो आप प्रख्यात प्राणिक हीलर राजीव भट्ट से मदद ले सकते हैं।

राजीव भट्ट एक जाने में प्राणिक हीलर हैं, और इन्हें इस क्षेत्र में 5 सालों का अनुभव है। सालों से ये इस क्षेत्र में जुड़े राजीव भट्ट ने अपनी कला का प्रयोग कर कई असाध्य से असाध्य रोगों को बिना किसी दवाइयों और बिना स्पर्श किए इलाज भी किया है। इस प्रणाली से वे आपके शरीर में मौजूद चक्र को संतुलित कर बाहरी और अंदरूनी आभा को मज़बूत करते है जो कि इस प्रणाली का मूल आधार है। हालांकि ये भी बताते चलें कि प्राणिक हीलिंग आपके अंदर उपस्थित इम्युनिटी शक्ति को मजबूत करने के साथ ही साथ नाकरात्मक उर्जा को दूर करने में मदद करता है। जिससे आपकी मानसिक और शारीरिक सभी समस्याओं को दूर करने में मदद मिलती है। राजीव भट्ट जी के इस ऑनलाइन सत्र से जुड़कर आपको कई समस्याओं से छुटकारा मिलेगा साथ ही साथ इनके दिए गए सुझाव के जरिए इस कोरोना काल से भी लड़ने में आप मानसिक व शारीरिक रूप से तैयार हो पाएंगे।

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