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सोशल डिस्टेंसिंग में योग करने के पीछे छिपी है ये ५ वजहें, हर किसी का जानना है जरूरी

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सोशल डिस्टेंसिंग

ये समय कोरोना काल का है, पिछले कुछ महीनों से कोरोना ने हर किसी की जिंदगी एकदम से बदलकर रख दी है। लोगों के मन में ये सवाल आने लगा है कि अब वापस से उनकी जिंदगी पहले जैसी हो भी पाएगी या नहीं ? हालांकि इसका जवाब यही है कि जब तक इस वायरस की वैक्सीन नहीं आ जाती तब तक तो यह संभव नहीं है। हमें इसी तरह से आने वाले कुछ माह ऐसे ही बिताने होंगे।

दरअसल लगातार लॉकडाउन बढ़ने व कोरोना के डर की वजह से हर कोई घर में बंद है, जिसकी वजह से लोगों में चिंता, भय और बैचेनी जैसी समस्याएं देखी जा रही है यही नहीं इसके अलावा उनके स्वास्थ्य पर भी गहरा असर देखने को मिल रहा है चाहे वो मानसिक हो या फिर शारीरिक। क्योंकि इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए सभी जिम, योगा क्लासेज बंद हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के साथ आप घर में योग करके भी फिट रह सकते हैं।

ये हम नहीं कह रहे हैं बल्कि इसके बारे में विशेषज्ञों का भी यही मानना है। इसके लिए आप चाहे तो ऑनलाइन योग व फिटनेस विशेषज्ञ से मदद ले सकते हैं। हमारे नेटवर्क Spark.Live पर कई योग विशेषज्ञ है जो आपकी इसमें सहायता कर सकते हैं और आप सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन कर पाएंगे। आज हम आपको ऐसे पांच कारण बताएंगे जिससे पता चलेगा कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए योग करना आपके लिए कितना फायदेमंद साबित होगा।

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सोशल डिस्टेंसिंग में योग करने से होंगे कई फायदे

१. जैसा कि आप सभी जानते हैं कि योग शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है। इस समय सोशल डिस्टेंसिंग के कारण हर कोई अपने घरों में बंद है, जिसकी वजह से काफी चिंतित रहने लगे हैं पर योग आपको चिंता से छुटकारा दिलाने में काफी मदद करता है। शोध में पता चला है कि हर रोज योगाभ्यास करने वाले लोगों में चिंता व तनाव कम होती है, क्योंकि योग करने से कोर्टिसोल हार्मोन नियंत्रण में रहता है।

२. सोशल डिस्टेंसिंग के कारण अवसाद जैसी समस्याओं का उतपन्न होना तो सामान्य है पर घबराने की आवश्यकता नहीं है योग करने से अवसाद भी दूर होता है। क्योंकि योग के जरिए कोर्टिसोल हार्मोन का लेवल नियंत्रित रहता है, जिसकी वजह से व्यक्ति अवसाद जैसी लक्षणों से भी दूर रहता है। शरीर में कोर्टिसोल लेवल के बढ़ने से फैट और स्‍ट्रेस बढ़ता है। जिससे अवसाद के लक्षणों का जन्म होता है।

३. योग दिल के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखता है, तभी तो कहा जाता है कि हृदय रोग से बचने के लिए या फिर हृदय रोगियों के लिए योग काफी फायदेमंद होता है। योग हृदय रोगियों को दोबारा सामान्य जीवन जीने में मदद कर सकता है। इस समय में हृदय रोगियों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है वो अपनी दिनचर्या में ध्यान, श्वास अभ्यास, हृदय अनुकूल चुनिंदा योगासन शामिल कर सकते हैं। ये हृदय रोगियों के लिए लाभकारी होते हैं आप इसके बारे में योग विशेषज्ञ से संपर्क कर विशेष जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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4. कई लोग नींद की अनियमितता से परेशान रहते हैं, लेकिन योग करने से ये समस्या भी दूर होती है। ये ऐसा वक्त चल रहा है कि इस समय न किसी को लोगों से मिलना हो पा रहा और न ही कहीं बाहर जा पा रहें ऐसे में नींद न आने की समस्या भी खूब उत्पन्न हो रही है। इसलिए अगर आप योग को अपनी दिनचर्या में अपनाते हैं तो आपकी ये समस्या दूर होगी। योग नींद की गुणवत्ता को बढ़ाता है। योग का मेलाटोनिन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और कई सामान्य योगदानकर्ताओं को तनाव और चिंता जैसी नींद की समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।

५ . सोशल डिस्टेंसिंग में एक जगह बैठे रहने व चार दिवारी में बंद रहने से ऐसा लग रहा है कि शरीर गठित होते जा रहा है। ऐसे में आप चाहे तो अपने शरीर को शक्तिशाली, लचीला व संतुलन बनाए रखने के लिए योग को अपना सकते हैं।

तो फिर अब देर किस बात की एक बार फिर से आप अपने जीवन को सुखी व स्वस्थ तरीके से जीएं। घर बैठे योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। इसके लिए आपको हमारे नेटवर्क के जरिए योग व फिटनेस विशेषज्ञ नौशिना शेख मिल जाएंगे जो आपको उन्नत योग और फिटनेस कक्षाएं भी ऑनलाइन प्रदान करेंगे।

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